रायपुर, 16 अगस्त 2025।
राजधानी रायपुर में आयोजित आईबीसी 24 स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप कार्यक्रम प्रदेश की मेधावी बेटियों के लिए एक अविस्मरणीय दिन साबित हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 12वीं कक्षा की प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हें सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने बेटियों से कहा कि कठिन परिश्रम से प्राप्त सफलता न केवल आत्मविश्वास बढ़ाती है, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति भी देती है। उन्होंने कहा कि यह स्कॉलरशिप गरीब परिवारों की होनहार बेटियों के लिए उम्मीद की किरण है, जो उच्च शिक्षा के उनके सपनों को पंख देगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज़ में प्रदेश की विकास यात्रा का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, “अटल जी की देन है यह राज्य, और अब हम सब मिलकर इसे विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में अग्रसर हैं। शिक्षा ही विकास का मूल मंत्र है। प्रदेश में अब IIT, IIM, AIIMS सहित कई राष्ट्रीय स्तर की संस्थाएं कार्यरत हैं और 10 से अधिक मेडिकल कॉलेजों के जरिए बच्चों का उच्च शिक्षा का सपना पूरा हो रहा है।”

उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ में कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। कर्रेगुट्टा जैसे सुदूर अंचलों में भी अब पढ़ाई का माहौल है। औद्योगिक नीति का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश को डेढ़ वर्ष में ही 6.50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

कार्यक्रम में गरियाबंद की प्रिया बघेल ने खेल प्रतिभाओं को लेकर प्रश्न पूछा तो मुख्यमंत्री ने खेलो इंडिया सेंटर के माध्यम से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की जानकारी दी। वहीं, छात्रा खुशी देवांगन ने तकनीक और एआई से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री से संवाद किया। श्री साय ने कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

समारोह में प्रदेश भर से पहुंची छात्राओं, उनके परिजनों और आईबीसी 24 समूह के चेयरमैन श्री सुरेश गोयल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरा माहौल बेटियों की उपलब्धियों पर गर्व और भविष्य की उम्मीदों से सराबोर रहा।

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