रायपुर, 16 अगस्त 2025।
निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत इस साल भी गरीब बच्चों के लिए निजी स्कूलों में हजारों सीटें खाली रह गई हैं। दो चरणों की लॉटरी के बाद भी लगभग 6100 सीटें रिक्त हैं। अब शिक्षा विभाग ने इन्हें भरने के लिए 19 अगस्त को तीसरी लॉटरी निकालने का निर्णय लिया है।

इस चरण में बच्चों या अभिभावकों को नए आवेदन करने की ज़रूरत नहीं होगी। लॉटरी पहले से भरे गए आवेदनों के आधार पर निकाली जाएगी। जिन बच्चों का चयन पहले ही हो चुका है, उनके नाम इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। चयनित बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा।

📌 पढ़ाई पर असर की चिंता

निजी स्कूलों में 1 अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है और अब तक करीब ढाई महीने की पढ़ाई पूरी हो चुकी है। अगले माह तिमाही परीक्षा भी प्रस्तावित है। ऐसे में आरटीई के तहत अब चयनित होने वाले बच्चों को पढ़ाई में अन्य विद्यार्थियों से पिछड़ने का खतरा रहेगा।

📌 अब तक की प्रक्रिया

  • पहला चरण: 1 लाख 5 हजार से अधिक आवेदन आए, जिनमें से 40 हजार बच्चों का चयन हुआ और लगभग 36 हजार ने प्रवेश लिया।
  • दूसरा चरण: 42,363 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 10 हजार बच्चों को स्कूल आवंटित हुए।
  • इसके बावजूद 6100 सीटें खाली रह गईं।

📌 शिक्षा विभाग का रुख

लोक शिक्षण संचालनालय ने साफ किया है कि तीसरी लॉटरी अंतिम अवसर होगी। विभाग का लक्ष्य है कि गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को उनके हक की सीट मिले और कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

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