सूरजपुर, 17 अगस्त 2025।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां के एक सरकारी स्कूल शिक्षक राजेश कुमार वैश्य दो राज्यों में एक साथ नौकरी कर रहे हैं। सुबह वह छत्तीसगढ़ के स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हैं और दोपहर बाद मध्यप्रदेश में मास्टरजी बनकर पहुंच जाते हैं। दोनों जगह से उन्हें वेतन भी मिल रहा है।

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?

राजेश कुमार वैश्य सूरजपुर जिले के बिहारपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में बतौर शिक्षक साल 2022 से पदस्थ हैं। यही नहीं, उन्होंने जुगाड़ से निवास प्रमाण पत्र बनवाकर मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के मकरोहर गांव के सरकारी स्कूल में भी अपनी नियुक्ति करा ली।
बॉर्डर से सटे इलाके में रहने के कारण उन्हें यह खेल खेलने में आसानी हो गई।

दिनभर का शेड्यूल

सुबह 8 बजे मास्टरजी छत्तीसगढ़ के स्कूल में हाजिरी लगाते हैं। पढ़ाने के बाद सीधा सिंगरौली जिले के मकरोहर पहुंच जाते हैं और वहां भी उपस्थिति दर्ज कर बच्चों को पढ़ाते हैं। इस तरह दो राज्यों से वे नियमित वेतन ले रहे हैं।

जांच के आदेश

मामला सामने आते ही सूरजपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने इस पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं। अब सवाल यह है कि शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर इतना बड़ा फर्जीवाड़ा कैसे लंबे समय तक चलता रहा।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading