दुर्ग, 22 अगस्त 2025।
छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ी पहल की है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में ‘महतारी सदन’ का निर्माण किया जाएगा। यह सदन न केवल महिलाओं को रोजगार और प्रशिक्षण का केंद्र बनेगा बल्कि उन्हें बैठने, आपसी मेलजोल और सामुदायिक गतिविधियों के लिए एक सुरक्षित स्थान भी प्रदान करेगा।

प्रदेश में फिलहाल 166 महतारी सदनों की स्वीकृति जारी की गई है, जिन पर 49 करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। दुर्ग जिले में पहले चरण में 6 महतारी सदन बनेंगे—पाटन विकासखंड के ग्राम पंचायत सेलूद और जामगांव आर तथा दुर्ग विकासखंड के ग्राम पंचायत जेवरा, ननकट्ठी, मचांदुर और कातरो में। प्रत्येक सदन के लिए 30-30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा—
“न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आत्मनिर्भर भारत अभियान महिलाओं की शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ रहा है। महतारी सदन इस दिशा में हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

उन्होंने बताया कि ग्राम भ्रमण के दौरान महिलाओं ने अक्सर बैठने और कार्यस्थल की कमी की शिकायत की थी। इसी आधार पर सरकार ने महतारी सदन की योजना बनाई। अब तक कुल 368 महतारी सदनों की स्वीकृति जारी की जा चुकी है।

महतारी सदन की विशेषताएँ

  • लगभग 2500 वर्गफुट में निर्माण
  • हॉल, कमरा, बरामदा, रसोईघर, स्टोर रूम
  • शौचालय एवं सामुदायिक शौचालय
  • पेयजल हेतु ट्यूबवेल और वाटर हार्वेस्टिंग सुविधा
  • महिलाओं की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले 5 वर्षों में प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में महतारी सदन स्थापित हो। यह न केवल महिलाओं के लिए आजीविका का केंद्र बनेगा बल्कि ग्रामीण जीवन में आपसी समरसता और सामाजिक सशक्तिकरण की भी नई नींव रखेगा।

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