22 अगस्त 2025।
भिलाई स्थित छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) एक बार फिर सुर्खियों में है। आरोप है कि यहां परिवारवाद और सत्ता-प्रभाव के सहारे विश्वविद्यालय की व्यवस्था संचालित हो रही है।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद पर बीते दो वर्षों से अंकित अरोरा पदस्थ हैं, जबकि तकनीकी शिक्षा विभाग, राज्य शासन से उनके नाम पर न तो प्रभारी कुलसचिव और न ही नियमित कुलसचिव का कोई आदेश अब तक जारी हुआ है। हैरानी की बात यह है कि मार्च 2024 में अंकित अरोरा और उनकी पत्नी—दोनों की मूल पदस्थापना स्थल अंबिकापुर के लखनपुर स्थित विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए कार्यमुक्ति आदेश जारी हो चुका है। बावजूद इसके उन्होंने उसका पालन नहीं किया।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अंकित अरोरा को पूर्व कुलसचिव (जो उनके ससुर बताए जाते हैं) और मामा ससुर रहे कुलपति की कृपा से ही विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद पर आसीन किया गया। यही कारण है कि आदेश न होने के बावजूद वे अपनी मनमानी करते हुए पूरे प्रशासनिक तंत्र पर हावी हैं।

विश्वविद्यालय में इस अनियमितता के चलते छात्रों की समस्याएँ लगातार बढ़ रही हैं। आए दिन विद्यार्थी अपनी मांगों और अव्यवस्था को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अभिभावक और छात्र संगठन आरोप लगा रहे हैं कि परिवारवाद और जुगाड़ तंत्र के कारण विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा गई है।

छात्रों का कहना है कि तकनीकी शिक्षा विभाग के नए मंत्री को तत्काल इस पर संज्ञान लेकर विश्वविद्यालय में नियमित और सक्षम कुलसचिव की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि शिक्षा और छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

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