रायपुर, 23 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ में पैरासिटामोल दवा की खेप में गुणवत्ता की गड़बड़ी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) ने संबंधित कंपनी 9M इंडिया लिमिटेड, महासमुंद को नोटिस थमा दिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने भी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

जांच में मिली गड़बड़ी:
निगम की जांच में पता चला कि 2024 में निर्मित पैरासिटामोल 500 एमजी और 650 एमजी के विभिन्न बैचों की गुणवत्ता में प्रथम दृष्टया कमी पाई गई। निगम के दवा गोदामों और स्वास्थ्य इकाइयों से प्राप्त शिकायतों के बाद यह जांच कराई गई।

कंपनी को कठोर चेतावनी:
CGMSCL ने आदेश जारी कर कंपनी को निर्देश दिया कि सभी संदिग्ध बैच तुरंत दवा गोदामों और स्वास्थ्य संस्थाओं से वापस लें और उनकी जगह गुणवत्तापूर्ण नई खेप उपलब्ध कराएं। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि कंपनी ने तय शर्तों के अनुरूप कार्यवाही नहीं की, तो निविदा नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी।

ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया:
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने बताया कि दवा सप्लायर को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया सख्त है। सबसे पहले टेंडर होते हैं, इसके बाद वेयरहाउस में डिलीवरी होती है। तीन रैंडम सैंपल लिए जाते हैं और कोलकाता, दिल्ली, मुंबई जैसे स्थानों में जांच के लिए भेजे जाते हैं। जांच में ओके रिपोर्ट आने के बाद दवा का वितरण किया जाता है। इसके बावजूद शिकायतें लगातार तीन बार आने पर निर्माता या सप्लायर को ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाता है। मंत्री ने कहा कि इससे पहले भी ऐसे निर्माता को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।

यह कदम नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और दवा गुणवत्ता में किसी भी कमी को रोकने के लिए उठाया गया है।

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