रायपुर, 29 अगस्त 2025।
कभी ऊर्जा के क्षेत्र में संपन्न और “जीरो कट” वाले राज्य के रूप में पहचाने जाने वाला छत्तीसगढ़ आज बिजली संकट की मार झेल रहा है। सरकार बदलने के बाद जहां बिजली की दरों में इजाफ़ा किया गया और हाफ बिजली बिल योजना में बदलाव किए गए, वहीं उपभोक्ताओं पर इसका दोहरा बोझ पड़ा है।

ग्रामीण इलाकों में स्थिति और गंभीर हो गई है। गाँव-गाँव में दिन और रात में दर्जनों बार बिजली गुल होना अब आम बात हो गई है। आमजनता के लिए यह समझ पाना मुश्किल हो रहा है कि जब बिजली महंगी कर दी गई है तो कटौती क्यों बढ़ रही है।

कई ग्रामीण उपभोक्ता बताते हैं कि “रातभर पंखा और कूलर बंद हो जाते हैं, बच्चे नींद से जाग जाते हैं और सुबह स्कूल जाने में दिक़्क़त होती है।” वहीं किसानों का कहना है कि सिंचाई कार्य बिजली कटौती से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

बिजली की बदहाल व्यवस्था से न केवल जीवन अस्त-व्यस्त हुआ है बल्कि घरों के बिजली उपकरण भी ख़राब हो रहे हैं। फ्रिज, मोटर और टीवी में बार-बार तकनीकी खराबी आ रही है, जिससे लोगों का अतिरिक्त खर्च बढ़ता जा रहा है।

ध्यान देने योग्य है कि ऊर्जा विभाग माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पास ही है। ऐसे में जनता को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगी।

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