रायपुर, 29 अगस्त 2025।
पिछले तीन महीनों में छत्तीसगढ़ सरकार ने विकास की दिशा में कई बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जहां औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढाँचे को लेकर ठोस पहल शुरू हुई है, वहीं कुछ योजनाएँ अभी योजना व स्वीकृति स्तर पर ही हैं।

सबसे अहम घोषणा रही “विकसित छत्तीसगढ़ @2047” रोडमैप, जिसमें राज्य के सेवा क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस विज़न डॉक्यूमेंट में IT, AI, हेल्थकेयर और शिक्षा आधारित पर्यटन के माध्यम से 10,000 से अधिक नौकरियों का सृजन करने का खाका खींचा गया है। हालांकि यह पहल फिलहाल केवल दस्तावेज़ी स्तर पर है।

वहीं, वन-क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 3 जुलाई को लॉन्च हो चुका है और उद्योगपतियों से निवेश प्रस्ताव आना भी शुरू हो गया है। इससे राज्य में 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 20,000 से अधिक रोजगार की संभावना बताई जा रही है।

₹7,000 करोड़ की सड़क विकास योजना को मंजूरी मिल चुकी है। सर्वे और टेंडर की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है और उम्मीद है कि साल के अंत तक सड़कों और पुलों पर वास्तविक निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

राजधानी क्षेत्र में परिवहन क्रांति लाने वाली रायपुर–दुर्ग मेट्रो रेल परियोजना को हरी झंडी मिल चुकी है, मगर अभी यह Detailed Project Report (DPR) और feasibility सर्वे की प्रक्रिया में है। इसी तरह कोठागुड़ेम–किरंदुल रेल लाइन भी मंजूर हो चुकी है लेकिन इसमें ज़मीन और वन स्वीकृति का काम बाकी है।

सबसे मानवीय और संवेदनशील घोषणा रही आईवीएफ सुविधा, जिसे माओवादी जीवन छोड़ चुकी महिलाओं के लिए शुरू किया गया है। अगस्त 2025 से जगदलपुर और रायपुर मेडिकल कॉलेज में इसका पहला चरण लागू हो चुका है और कुछ महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाना भी शुरू कर दिया है।

कुल मिलाकर, पिछले तीन महीनों में छत्तीसगढ़ सरकार ने छह प्रमुख परियोजनाएँ घोषित कीं। इनमें से तीन पर ज़मीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है, दो योजना चरण में हैं और एक दीर्घकालिक विज़न डॉक्यूमेंट के रूप में मौजूद है।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading