दुर्ग, 30 अगस्त 2025।
किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त उर्वरक समय पर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सके, इसके लिए कृषि विभाग ने जिले में सघन निरीक्षण अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में 29 अगस्त को दुर्ग, पाटन और धमधा विकासखण्ड के कुल 10 उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान उर्वरक निरीक्षकों ने दुकानों के अनुज्ञप्ति पत्र, स्कंध पंजी, बिल बुक, मूल्य सूची और पीओएस मशीन से भौतिक स्टॉक का मिलान किया। इस दौरान कई दुकानों में गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं।

कृषि विभाग के अनुसार, विकासखण्ड-दुर्ग के मेसर्स रूद्र कृषि सेवा केन्द्र नगपुरा में 13.35 मी.टन, मेसर्स मधबुन ट्रेडर्स नगपुरा में, धमधा के मेसर्स देवांगन कृषि केन्द्र जंजगिरी में 2.52 मी.टन और मेसर्स विद्या कृषि केन्द्र बोरी में 41.35 मी.टन उर्वरक नियमों के उल्लंघन पर जब्त किए गए।

उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत मूल्य सूची प्रदर्शित न करना, बिल बुक का निर्धारित प्रारूप न होना, रजिस्टर अधूरा रखना और बिना स्त्रोत प्रमाणपत्र के विक्रय जैसे उल्लंघन सामने आए। इसके चलते चार विक्रय प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिले में कृषि आदान विक्रेताओं पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।

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