सक्ती 31 अगस्त 2025। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला अस्पताल से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (GSM) योजना के तहत करोड़ों रुपए की दवाइयां जिला अस्पताल में लाई गई थीं, ताकि इन्हें गांव-गांव के स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाकर गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज मिल सके। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते ये दवाइयां मरीजों तक पहुंचने से पहले ही बर्बाद हो गईं।

जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में रखे गए डेक्सट्रोज की लाखों रुपए की बोतलें नमी और चूहों की वजह से खराब हो गईं। वहीं, कई दवाइयां समय पर वितरण न होने के कारण एक्सपायर हो गईं। इन दवाइयों को सुरक्षित रख-रखाव की बजाय गोदामों में फेंककर छोड़ दिया गया था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सीधा-सीधा गरीबों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। “गरीबों के लिए आने वाली दवा अगर बर्बाद हो जाए, तो फिर इस योजना का फायदा किसे मिला? जाहिर है कि किसी फार्मा कंपनी या ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए यह खरीदी की गई होगी,” लोगों ने सवाल उठाया।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि उन हजारों मरीजों की जिंदगी से भी खिलवाड़ करती हैं जिन्हें समय पर मुफ्त इलाज मिल सकता था।

इस मामले में सीएमएचओ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। फिलहाल मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठ रही है, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सके।

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