रायपुर।
बरसात का मौसम इस बार छत्तीसगढ़ के लिए राहत के साथ-साथ सावधानी का संदेश भी लेकर आया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मंगलवार और बुधवार को बस्तर संभाग और मध्य छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।

पिछले 24 घंटों में यानी रविवार से सोमवार तक राज्य में हल्की से मध्यम वर्षा कई जगहों पर दर्ज की गई। खासतौर पर बस्तर क्षेत्र में तेज बौछारें पड़ीं। बारिश का आंकड़ा भी खासा उल्लेखनीय रहा—कोंटा में 7 सेमी, केशकाल, मानपुर और औंधी में 6–6 सेमी, खड़गांव, कापू और बस्तर में 5–5 सेमी, वहीं चांपा, माकड़ी और जगदलपुर में 4–4 सेमी वर्षा दर्ज की गई। कई अन्य जगहों पर 3 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।

बारिश क्यों हो रही है?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय मानसून द्रोणिका गंगानगर–सतना–डाल्टनगंज से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। साथ ही ऊपरी हवा में चक्रवाती घेरा उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और म्यांमार तट के पास 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक बना हुआ है। यह पश्चिम-दक्षिण की ओर झुका हुआ है, जिसके कारण बंगाल की खाड़ी से नमी लगातार छत्तीसगढ़ की ओर आ रही है और इससे बादल घिरकर बरस रहे हैं।

आगे का पूर्वानुमान
मंगलवार को राज्य के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी। लेकिन दक्षिण और मध्य जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। बुधवार को भी यही सिलसिला जारी रहेगा, और कई जगहों पर झमाझम बारिश के साथ वातावरण और भी भीगा रहेगा।

रायपुर का हाल
राजधानी रायपुर में आसमान सामान्यत: बादलों से घिरा रहेगा। बीच-बीच में गरज-चमक के साथ एक-दो तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

गांवों में किसान इस बारिश को खरीफ फसलों के लिए वरदान मान रहे हैं, लेकिन लगातार भारी बारिश की संभावना से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने का डर भी लोगों के मन में है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

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