दुर्ग, 01 सितम्बर 2025।
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आम नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं। यह वह मंच है जहाँ आम लोग सीधे प्रशासन तक अपनी बात पहुँचा सकते हैं। कलेक्टर ने प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव भी मौजूद रहे।

आज आयोजित कार्यक्रम में कुल 102 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अवैध कब्ज़ा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन, आर्थिक सहायता, मुआवज़ा राशि और छात्रावास से संबंधित विभिन्न मांगें शामिल थीं।

महिला स्व सहायता समूह की पुकार
धमधा विकासखंड के वीर महिला ग्राम संगठन सण्डी (बिहान) की महिला स्व सहायता समूह की सदस्याएँ अपनी पीड़ा लेकर पहुँचीं। उन्होंने बताया कि वे 2022 से ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत मुर्गी पालन का कार्य कर रही थीं। हाल ही में बारिश और तूफ़ान से उनका पूरा मुर्गी पालन केंद्र नष्ट हो गया।
ऋण लेकर शुरू किए गए इस व्यवसाय से उनकी आजीविका चल रही थी। समय पर ऋण की अदायगी भी की गई थी। अब केंद्र की मरम्मत और व्यवसाय को फिर से शुरू करने के लिए उन्होंने आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। इस पर कलेक्टर ने धमधा सीईओ को तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

मुआवज़े की प्रतीक्षा में किसान
ग्राम खोरपा वार्ड क्रमांक 13 पाटन निवासी ने अपनी अधिग्रहित भूमि का मुआवज़ा दिलाने का आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि उतई-तरीघाट-पाटन मार्ग निर्माण के लिए उनकी निजी भूमि का अधिग्रहण किया गया था। सड़क का निर्माण तो पूरा हो गया, लेकिन उन्हें अब तक मुआवज़ा नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि वह राशि से अपने जर्जर मकान का पुनर्निर्माण करना चाहते हैं। कलेक्टर ने उनकी बात सुनकर एसडीएम पाटन को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

छात्रों की शिक्षा से जुड़ी समस्या
शासकीय पोस्ट मैट्रिकोत्तर आदिवासी बालक छात्रावास के छात्रों ने स्थायी अधीक्षक नियुक्त करने की माँग रखी। छात्रों ने बताया कि अधीक्षक की अनुपस्थिति के कारण उन्हें कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। कलेक्टर ने इस संबंध में शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

आवास सहायता की उम्मीद
आज़ाद पारा भिलाई वार्ड क्रमांक 14 के निवासी ने आवास सहायता की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि वे 40 वर्षों से कच्चे मकान में रह रहे हैं, जो अब जीर्ण-शीर्ण हो चुका है। बरसात में घर में पानी भर जाता है और दीवारें गिरने लगी हैं। वह मोची का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन हाल ही में हुए हादसे में उनका हाथ टूट जाने के कारण वे पूरी तरह काम करने में असमर्थ हो गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना या किसी अन्य माध्यम से पक्का मकान दिलाने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम रिसाली को नियमानुसार कार्यवाही करने कहा।

निष्कर्ष
जनदर्शन कार्यक्रम ने यह साबित किया कि प्रशासन जनता की समस्याओं को लेकर गंभीर है। कलेक्टर सिंह की पहल और त्वरित निर्देशों से आम लोगों में भरोसा जगा है कि उनकी समस्याएँ अनसुनी नहीं जाएँगी। यह संवाद ही लोकतंत्र की असली ताकत है।

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