दुर्ग, 01 सितम्बर।
भिलाई-दुर्ग के एसएनजीवीबी ऑडिटोरियम में रविवार को एक ऐसा आयोजन हुआ, जिसने समाज के हर वर्ग को संवेदनशीलता और बदलाव का संदेश दिया। स्टारलाइट फाउंडेशन एवं श्री चतुर्भुज मेमोरियल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम ‘‘तरंग 5.0’’ ने महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण एवं संरक्षण की दिशा में नई ऊर्जा जगाई।

कार्यक्रम की शुरुआत पंजीयन, सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद स्वागत संबोधन में ‘‘तरंग 5.0’’ की पृष्ठभूमि प्रस्तुत की गई। उत्साह से भरे स्वागत नृत्य ने पूरे वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया।

मुख्य अतिथि और पैनल चर्चा
इस आयोजन की मुख्य अतिथि राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा रहीं। उनके साथ मंच पर कई विशिष्ट अतिथि, समाजसेवी और अधिकारी उपस्थित थे।
पहली पैनल चर्चा का विषय था— ‘‘जोखिम से लचीलेपन तक: स्वास्थ्य, आजीविका और सामाजिक सुधार के माध्यम से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा’’
इस चर्चा में डॉ. शर्मा के साथ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेश्वर पटेल, पद्मश्री फूलबासन बाई यादव, मिशन वात्सल्य के संयुक्त संचालक नंदलाल चौधरी, जिला पंचायत सभापति श्रद्धा साहू और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मानसी गुलाटी शामिल हुए। पैनल चर्चा में वक्ताओं ने बताया कि किस तरह सामूहिक प्रयास महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को किट वितरण किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुति के रूप में ‘‘विकसित छत्तीसगढ़’’ विषय पर नाट्य मंचन हुआ, जिसने दर्शकों को गहराई तक प्रभावित किया। इसके बाद एनजीओ अवॉर्ड समारोह में सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय संस्थाओं को सम्मानित किया गया।

विशेष कार्यशालाएँ और चर्चाएँ
यूनिसेफ ने कार्यशाला आयोजित की, जिसका विषय था— ‘‘एनजीओ अधिक सामाजिक प्रभाव के लिए वित्तपोषण संसाधनों को कैसे सुव्यवस्थित कर सकते हैं?’’
इसके बाद दूसरी पैनल चर्चा हुई— ‘‘सीएसआर फॉर सोशल गुड’’। इसमें आईआईटी भिलाई के बोर्ड ऑफ डायरेक्ट प्रो. सोमेश शर्मा, अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के प्रमुख मनीष कश्यप और बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्वयक विपिन ठाकुर ने अपने विचार साझा किए।

स्टारलाइट्स विजन 2030
फाउंडेशन की ओर से ‘‘स्टारलाइट्स विजन 2030’’ की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिसमें संस्था ने आने वाले वर्षों के लिए महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य सुधार के लक्ष्य निर्धारित किए।

प्रेरणादायक संबोधन और सांस्कृतिक विविधता
पद्मश्री फूलबासन बाई यादव और नंदलाल चौधरी के विशेष संबोधन ने प्रतिभागियों को गहराई से प्रेरित किया। वहीं लास्या डांस क्लब, बीआईटी दुर्ग द्वारा लोकनृत्य की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को रंगारंग और सांस्कृतिक विविधता से भर दिया।

तकनीकी पहल
डॉ. अनुपम कुमार तिवारी ने ‘‘उपयुक्त ग्रामीण तकनीक’’ विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि तकनीक को ग्रामीण जीवन में सरल और उपयोगी बनाकर किस तरह सामाजिक सुधार लाया जा सकता है।

सफल आयोजन की झलक
पूरे कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि संगठित प्रयास, जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण से महिलाओं और बच्चों के जीवन में स्थायी सुधार लाया जा सकता है।
इस सफल आयोजन के पीछे संस्था अध्यक्ष प्रतीक ठाकरे, आदित्य साकार, खुशी वर्मा, नितिन यादव और प्रणव यादव का विशेष योगदान रहा।

‘‘तरंग 5.0’’ सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक चेतना और सहभागिता की नई तरंग साबित हुआ।

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