दुर्ग, 04 सितम्बर 2025।
लोक निर्माण विभाग कार्यालय दुर्ग के सभाकक्ष में आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने की। बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों—अहिवारा विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे की मौजूदगी ने बैठक को और भी प्रभावशाली बना दिया।

बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सार्वजनिक महत्व के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तेजी से पूरा किया जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन में नवाचार और समन्वय को अपनाया जाए।

मुख्य बिंदु और निर्णय

  • ग्रामोद्योग और गौठान विकास: मंत्री यादव ने कहा कि गांवों के रीपा केन्द्रों में लघु उद्योग स्थापित होंगे और गौठानों को “गौधाम” के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि पशुओं को सुरक्षित रखने की व्यवस्था बने।
  • धान खरीदी केंद्र: किसानों के लिए बनाए गए उपार्जन केंद्रों में आवश्यक मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
  • कचरा प्रबंधन: भिलाई नगर निगम में एजेंसी तय होने के बाद अब दुर्ग समेत अन्य निकायों को भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में जोड़ा जाएगा। जेवरा सिरसा की मुरूम खदान को कचरा निस्तारण स्थल के रूप में चुना गया है।
  • शिक्षा सुधार: मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी नगर निगमों में जर्जर स्कूलों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए और प्रत्येक निगम क्षेत्र में एक मॉडल स्कूल स्थापित किया जाए।
  • नगर विकास कार्य: इंदिरा मार्केट में मल्टी लेवल पार्किंग, साइंस कॉलेज से स्टेशन रोड तक केनाल रोड निर्माण, चंडी मंदिर-नयापारा मार्ग, महाराजा चौक-बोरसी मार्ग समेत कई सड़क परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति पर चर्चा हुई।
  • जनस्वास्थ्य और मुआवजा: उमरपोटी में 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन प्रभावितों को मुआवजा और ग्राम कातरो में करंट से मृत महिला के परिजनों को क्षतिपूर्ति राशि दिलाने के निर्देश दिए गए।
  • किसान और सिंचाई: तांदुला नहर से बेमेतरा-बेरला क्षेत्र तक सिंचाई पानी पहुंचाने के लिए पहल करने के निर्देश।
  • जनकल्याण योजनाएँ: मंत्री ने स्पष्ट किया कि हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में दिया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

बैठक के दौरान मंत्री ने बीएसपी द्वारा रूआबांधा और देवधर मानव निर्मित वन को लेकर प्रस्ताव पर एनओसी न देने पर नाराजगी भी जताई और कलेक्टर को सीएसआर मद से किए गए खर्च का ब्यौरा मंगवाने निर्देश दिए।

मंत्री यादव ने कहा—
“सरकार का उद्देश्य है कि विकास कार्य केवल कागजों में न रहें, बल्कि जनता तक उसका प्रत्यक्ष लाभ पहुँचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है।”

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