रायपुर, 5 सितम्बर 2025।
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के करीब 16,000 संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप दिया है। यह बड़ा कदम 25 साथियों की बर्खास्तगी के विरोध और अपनी लंबित मांगों को लेकर चल रही 18 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच उठाया गया है।

एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने बताया कि राज्यभर के सभी जिलों में कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालयों का घेराव किया और सामूहिक इस्तीफा सौंपा। उन्होंने कहा – “हमारी 10 सूत्रीय मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है। नियमितीकरण, वेतनमान और कार्यस्थल की सुविधाओं को लेकर हम वर्षों से लड़ रहे हैं। बर्खास्तगी के फैसले ने कर्मचारियों का मनोबल तोड़ा है।”

इस्तीफों का सिलसिला

  • रायपुर में करीब 1,600 कर्मचारियों ने सीएमएचओ कार्यालय का घेराव कर सामूहिक इस्तीफा दिया।
  • जगदलपुर में 900 में से 887 कर्मचारियों ने प्रभारी सीएमओ को इस्तीफा सौंपा।
  • अन्य जिलों में भी इसी तरह सामूहिक इस्तीफा देकर कर्मचारियों ने विरोध जताया।

हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों ने इन इस्तीफों को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है। रायपुर सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी ने कर्मचारियों का ज्ञापन तो लिया, लेकिन उसे मंजूरी नहीं दी।

स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट

अनिश्चितकालीन हड़ताल और अब सामूहिक इस्तीफे से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ चरमराने लगी हैं। सरकारी अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। कई जगह टीकाकरण और मातृत्व सेवाओं पर असर पड़ने की खबरें आ रही हैं।

स्थिति और अधिक तनावपूर्ण

कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच अब तक किसी तरह की ठोस वार्ता नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है।

डॉ. मिरी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो आंदोलन और सख्त किया जाएगा।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading