दुर्ग, 06 सितम्बर 2025।
प्रशासनिक कार्यों की सुचारू व्यवस्था और जिम्मेदारियों के बेहतर निर्वहन के लिए दुर्ग कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जिले में पदस्थ अपर कलेक्टरों के बीच कार्यों का नया विभाजन किया है। इस आदेश के बाद अब श्री अभिषेक अग्रवाल, श्रीमती योगिता देवांगन और श्री वीरेन्द्र सिंह अलग-अलग शाखाओं और विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

📌 अभिषेक अग्रवाल को प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियां

अपर कलेक्टर श्री अभिषेक अग्रवाल को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालयीन कार्य, शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण, फटाका लाइसेंस की स्वीकृति, सहकारी केंद्रीय बैंक और धान उपार्जन जैसी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसके साथ ही वे डिजिटल कॉप सर्वे, वेटलैंड सर्वे, वनभूमि सत्यापन, पीडीएस और पासपोर्ट शाखा के नोडल अधिकारी होंगे।

उनके माध्यम से राजस्व, भू-अभिलेख, प्रोटोकॉल, लाइसेंस और जनगणना शाखाओं की नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत होंगी। इसके अलावा सहकारिता, खाद्य और सैनिक कल्याण विभाग से संबंधित कार्यों का भी वे देखरेख करेंगे।

📌 योगिता देवांगन को न्यायिक और सामाजिक कल्याण संबंधी कार्य

अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को धमधा और पाटन अनुभाग के न्यायालयीन कार्य सौंपे गए हैं। वे भू-राजस्व संहिता से जुड़े अपील व पुनरीक्षण मामलों, अवैध उत्खनन प्रकरणों और शासकीय कर्मचारियों से संबंधित प्रमाण पत्र निर्गमन का निराकरण करेंगी।

उन्हें नजूल शाखा के कई मामलों का अंतिम अधिकार, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग, महिला एवं बाल विकास, चिटफंड प्रकरण, नशा मुक्ति अभियान और कौशल विकास योजनाओं की नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा वे जिला कोषालय, खनिज शाखा, योजना मंडल और शिक्षा विभाग से जुड़ी नस्तियां भी कलेक्टर को प्रस्तुत करेंगी।

📌 वीरेन्द्र सिंह को निर्वाचन और आपदा प्रबंधन का दायित्व

अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह को दुर्ग और भिलाई-3 अनुभाग के न्यायालयीन कार्य, निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारियां और आपदा प्रबंधन से जुड़े मामलों का प्रभार दिया गया है। वे उप जिला निर्वाचन अधिकारी (सामान्य और स्थानीय निर्वाचन) भी होंगे।

उनके पास प्राकृतिक आपदाओं के प्रकरणों का निराकरण, शिकायत शाखा, विवाह अधिकारी, व्यापार एवं उद्योग केंद्र, सड़क निर्माण कार्यों की निगरानी, उद्यानिकी विभाग और दिव्यांगजन शिकायत निवारण जैसे कार्य होंगे। इसके अतिरिक्त वे भिलाई स्टील प्लांट से संबंधित मुद्दों के नोडल अधिकारी भी होंगे।

📌 सुचारू प्रशासनिक व्यवस्था की ओर कदम

तीनों अपर कलेक्टरों के बीच कार्य विभाजन से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आने की उम्मीद है। इससे जनता से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण भी सुनिश्चित होगा।

कलेक्टर ने यह भी तय किया है कि एक-दूसरे की अनुपस्थिति में लिंक अधिकारी के रूप में अन्य अपर कलेक्टर जिम्मेदारी निभाएंगे। इससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित नहीं होंगे और जिले में प्रभावी शासन व्यवस्था कायम रह सकेगी।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading