रायपुर, 14 सितम्बर 2025।
कोरबा जिले में युक्तियुक्तकरण के बाद भी पदस्थापित विद्यालयों में ज्वाइनिंग न देने वाले शिक्षकों पर जिला शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। चार सहायक शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है, वहीं कई अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके दो माह का वेतन रोक दिया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण आदेश के तहत जिले के 292 सहायक शिक्षक, 15 प्रधान पाठक और 153 माध्यमिक शिक्षक अतिशेष के रूप में चिन्हांकित हुए थे। इन शिक्षकों को एकल शिक्षकीय और शिक्षकविहीन विद्यालयों में पदस्थ करने के लिए ओपन काउंसलिंग आयोजित कर आदेश जारी किया गया था।

कई शिक्षक पदस्थापना आदेश से असंतुष्ट होकर जिला स्तरीय समिति, फिर संभागीय समिति और उसके बाद उच्च न्यायालय तक पहुँचे। अदालत ने भी स्पष्ट किया कि जिला समिति उनके अभ्यावेदनों पर सुनवाई करे। सुनवाई के बाद अधिकांश आवेदनों को अमान्य पाया गया। बावजूद इसके कुछ शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया।

स्थिति को देखते हुए विभाग ने 4 शिक्षकों को निलंबित करने के साथ ही ज्वाइनिंग न देने वाले सभी शिक्षकों का दो माह का वेतन रोक दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी है कि “सभी शिक्षक तत्काल अपने पदस्थ विद्यालयों में उपस्थित हों और बच्चों को पढ़ाना शुरू करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई होगी।”

वर्तमान में अधिकांश दूरस्थ विद्यालयों में शिक्षक ज्वाइन कर चुके हैं और शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौट आई है। जहां शिक्षक की कमी अब भी बनी हुई है, वहां जिला खनिज न्यास मद से मानदेय शिक्षकों की व्यवस्था की गई है।

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