दुर्ग। जिले में एक बार फिर धर्मांतरण का मुद्दा सुर्खियों में आ गया है। रविवार को पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के जेल रोड स्थित बाफना मंगलम के पास एक मकान में प्रार्थना सभा चल रही थी। पड़ोसियों ने इसे धर्मांतरण की आशंका बताते हुए बजरंग दल को सूचना दी। देखते ही देखते सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

झड़प और आरोप-प्रत्यारोप
बजरंग दल कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराया जा रहा था। इस दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद जॉन नामक व्यक्ति ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं से हाथापाई की।

बजरंग दल कार्यकर्ता ज्योति शर्मा ने कहा, “हम मांग करते हैं कि जॉन को जिला बदर किया जाए। उसे बाहर से फंडिंग मिल रही है और उसने हमारी महिला कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की है।”

पुलिस की दखल और अतिरिक्त बल
स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन जब पुलिस पादरी को थाने ले जाने लगी, तो भीड़ ने गाड़ी रोकने का प्रयास किया। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। बड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया गया।

पुलिस का बयान और शांति की अपील
दुर्ग शहर एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने कहा, “पुलिस टीम को प्रार्थना सभा की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर बजरंग दल और ईसाई समाज के लोग आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई है। कुछ लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। हम अपील करते हैं कि शांति बनाए रखें।”

बजरंग दल की चेतावनी
बजरंग दल ने जॉन के बैंक खातों की जांच कराने और मामले की गहन पड़ताल की मांग की है। साथ ही संगठन ने साफ कहा है कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। इस दौरान बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम के नारे लगाए और हनुमान चालीसा का पाठ भी शुरू कर दिया।

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