रायपुर, 16 सितम्बर 2025।
छत्तीसगढ़ सरकार ने सैनिकों और उनके परिजनों के हित में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य के वे सैनिक जो युद्ध या सैन्य अभियानों में शहीद होते हैं, उनके परिवारों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है।

यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य सैनिक बोर्ड (RSB) की बैठक में लिया गया। बैठक में युद्ध विधवाओं, पूर्व सैनिकों और आश्रित परिवारों के कल्याण हेतु कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा,
“हमारे सैनिक 140 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करते हैं। उनके साहस और बलिदान को नमन करते हुए हमारी जिम्मेदारी है कि उनके परिवारों का भरण-पोषण और सम्मान सुनिश्चित हो।”

बैठक में घोषित प्रमुख निर्णय:

  • शहीद परिवारों के लिए मुआवजा: 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये
  • गैलेंट्री अवॉर्ड विजेताओं के लिए सहायता: 40 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये
  • युद्ध या अभियान में घायल सैनिकों के लिए मदद: 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये
  • माता-पिता के लिए ‘जंगी इनाम’: वार्षिक राशि 5,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये
  • स्टाम्प ड्यूटी छूट: सैनिकों, पूर्व सैनिकों, विधवाओं और आश्रितों को पहली बार घर या जमीन खरीदने पर 25 लाख रुपये तक की छूट

बैठक में राज्य सैनिक बोर्ड के सदस्यों ने कई सुझाव दिए, जिन्हें भविष्य में लागू करने पर सरकार ने सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।

ब्रिगेडियर (से.नि.) विवेक शर्मा, निदेशक, सैनिक कल्याण निदेशालय एवं बोर्ड सचिव ने राज्य में चल रही योजनाओं और गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया।

यह निर्णय न केवल शहीदों के परिजनों को आर्थिक संबल देगा बल्कि समाज में उनके सम्मान और गौरव को भी नई ऊंचाई देगा। इसे सैनिकों के साहस को सच्ची श्रद्धांजलि और सरकार की सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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