रायपुर, 17 सितम्बर 2025। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में अब छत्तीसगढ़ के लोगों का उत्साह दोगुना हो गया है। वजह है – राज्य सरकार की अतिरिक्त सब्सिडी, जिसने बिजली उपभोक्ताओं को आधे बिल से सीधे शून्य बिल की ओर कदम बढ़ाने का भरोसा दिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर 18 जून 2025 को आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि केंद्र की तर्ज पर राज्य भी लाभार्थियों को सब्सिडी देगा। इसके बाद से आवेदन और रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना की संख्या तेजी से बढ़ गई है।

केंद्र सरकार की ओर से एक किलोवाट पर ₹30,000, दो किलोवाट पर ₹60,000 और तीन किलोवाट पर ₹78,000 सब्सिडी दी जा रही थी। राज्य सरकार ने इसमें और राहत देते हुए क्रमशः ₹15,000, ₹30,000 और ₹30,000 अतिरिक्त देने की घोषणा की। यानी अब उपभोक्ता को कुल मिलाकर 1 किलोवाट पर ₹45,000, 2 किलोवाट पर ₹90,000 और 3 किलोवाट पर ₹1,08,000 की सब्सिडी मिल रही है। साथ ही बैंकों से आसान किस्तों पर 6% ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

राज्य सरकार ने सब्सिडी का भुगतान जल्द से जल्द करने का आदेश दिया, जिसके तहत 8 सितम्बर को 618 हितग्राहियों के खातों में ₹1.85 करोड़ की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। अब यह व्यवस्था की गई है कि स्थापना के एक माह के भीतर ही राज्य सब्सिडी दी जाएगी।

राज्य सब्सिडी लागू होने से पहले औसत मासिक आवेदन संख्या 1,607 और स्थापनाएँ 337 थीं। अब औसत आवेदन बढ़कर 3,906 और स्थापनाएँ 744 प्रति माह हो गई हैं। वर्तमान में कुल 58,500 आवेदन मिल चुके हैं, जिनमें से 6,500 घरों में सोलर पैनल लग चुके हैं और 17,000 घरों में कार्य प्रगति पर है।

यह बदलाव न सिर्फ सरकार की योजनाओं पर भरोसे को दर्शाता है बल्कि छत्तीसगढ़ में आत्मनिर्भर ऊर्जा क्रांति की ओर बढ़ते कदमों की गवाही भी देता है।

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