रायपुर, 17 सितम्बर 2025। राजधानी रायपुर के पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित रक्तदान अमृतोत्सव 2.0 कार्यक्रम में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि “जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण साधन है। यह केवल नौकरी या डिग्री तक सीमित नहीं, बल्कि सफलता की आधारशिला है।”

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) राज्य प्रकोष्ठ, उच्च शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय द्वारा सेवा पखवाड़े की शुरुआत की गई, जो 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान प्रदेशभर के महाविद्यालयों में रक्तदान शिविरों और समाजहित से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन होगा।

मुख्यमंत्री साय ने रक्तदान करते छात्रों से मुलाकात की और कहा कि “रक्तदान केवल जीवन बचाने का ही नहीं, बल्कि स्वयं के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। यह ऐसा दान है, जिसे बार-बार किया जा सकता है।”

उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के अवसरों का पूरा लाभ उठाने की सलाह दी और कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी खनिज संपदा, वन संपदा और सांस्कृतिक पहचान के लिए समृद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि सुरक्षा बलों के प्रयासों से नक्सलवाद का अंत होगा और जल्द ही बस्तर क्षेत्र में विकास की नई धारा बहेगी।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने युवाओं के लिए 700 नए पदों पर भर्ती स्वीकृत होने की जानकारी दी। कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सेवा और रक्तदान को भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सेवा ही जीवन का असली सार है।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा आयुक्त श्री संतोष देवांगन, कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, कुलसचिव प्रो. अम्बर व्यास सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

यह आयोजन सिर्फ रक्तदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं को शिक्षा, सेवा और विकास के मूल्यों से जोड़ने का सशक्त मंच भी साबित हुआ।


Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading