रायपुर, 24 सितंबर 2025।
व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किया गया हर कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण का कार्य है। इन्हीं मूल्यों को जीते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवक समाज में बदलाव की मिसाल बन रहे हैं। राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यह विचार व्यक्त किए।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आज देशभर में 4 लाख से अधिक विद्यार्थी राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी एक लाख से अधिक युवा एनएसएस के माध्यम से समाजसेवा में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
साय ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए कहा – “आपकी सेवाभावना न सिर्फ समाज, बल्कि पूरे राष्ट्र को नई दिशा देती है।”

निस्वार्थ सेवा ही राष्ट्रसेवा

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रसेवा की परिभाषा समझाते हुए कहा कि आज़ादी की लड़ाई के समय स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग ही राष्ट्रसेवा माना जाता था, लेकिन आज राष्ट्रसेवा का अर्थ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अपना योगदान देना है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा –

  • “जब हम एक पेड़ लगाते हैं, तो यह भी राष्ट्रसेवा है।”
  • “जब हम किसी मरीज को अस्पताल तक पहुंचाते हैं, तब भी यह राष्ट्रसेवा है।”
  • “किसी को पढ़ाई में मदद करना या आर्थिक सहयोग देना, यह भी राष्ट्र निर्माण का हिस्सा है।”

साय ने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के प्रसार, स्वच्छता और सामाजिक विकास की दिशा में लगातार कार्यरत रहें, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

रोजगार और युवा शक्ति पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
पिछले 10 महीनों में 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव राज्य को प्राप्त हुए हैं, जिनसे बड़ी संख्या में रोजगार अवसर सृजित होंगे।

उच्च शिक्षा मंत्री का संबोधन

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सेवा केवल मदद भर नहीं है, बल्कि यह चरित्र, सोच और जिम्मेदारी का विकास करती है। उन्होंने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक जिस लगन और समर्पण से कार्य कर रहे हैं, वही हमारी युवा शक्ति का परिचायक है।
वर्मा ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं में एनएसएस ने सराहनीय भूमिका निभाई है।

सम्मान और प्रकाशन

समारोह में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सेवा योजना की पत्रिका ‘समर्पण’ और ‘विकसित भारत क्विज’ कार्यक्रम का पोस्टर भी जारी किया।
इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य कर रही संस्थाओं, अधिकारियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया।

समारोह में रही गरिमा

कार्यक्रम में सीएसआईडीसी अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष कुमार देवांगन, एनएसएस उप कार्यक्रम सलाहकार डॉ. अशोक कुमार श्रोती, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी सहित सभी जिलों के कार्यक्रम समन्वयक और प्रदेशभर से बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए।
पूरा माहौल उत्साह और प्रेरणा से भरा हुआ था।

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