भिलाई, 30 सितंबर 2025। खुर्सीपार क्षेत्र में डायरिया का प्रकोप लगातार गहराता जा रहा है। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात को वार्ड 51 निवासी 34 वर्षीय भुवन यादव ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। क्षेत्र में यह डायरिया से तीसरी मौत है, जिससे लोगों में भय और नाराजगी दोनों ही देखने को मिल रही है। वहीं अब तक 23 से अधिक लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आ चुके हैं।

मौत से पहले बिगड़ी तबीयत

भुवन यादव की तबीयत रविवार दोपहर अचानक बिगड़ गई। उन्हें सिविल हॉस्पिटल, सुपेला ले जाया गया, जहां स्थिति गंभीर होने पर रात 10 बजे जिला अस्पताल दुर्ग रेफर किया गया। परिवार वालों ने बताया कि घर से लेकर अस्पताल तक भुवन को करीब 10 बार दस्त और 2 बार उल्टी हुई। देर रात 2.30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पहले दो भाइयों की जा चुकी है जान

इससे पहले चंद्र कुमार जंघेल और उनके बड़े भाई उमेदी राम की भी डायरिया के लक्षणों से मौत हो चुकी है। परिजनों का कहना है कि दोनों की तबीयत भी अचानक बिगड़ी थी, जबकि स्वास्थ्य विभाग लगातार इसे डायरिया की वजह मानने से इंकार कर रहा है।

नए मरीजों की संख्या बढ़ी

वार्ड 51 के ही राजेंद्र प्रसाद नगर में एक साल का बच्चा उल्टी-दस्त से बीमार पड़ा, वहीं 58 वर्षीय महिला बिजली रात्रे को भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके अलावा योगिता सोनवानी (15 वर्ष) और शेखर सोनवानी (19 वर्ष) को घर पर ही इलाज दिया जा रहा है। दोनों ही निगम के नल का पानी पीते हैं।

पानी के सैंपल से खुलासा

निगम प्रशासन का कहना है कि अब तक 18 पानी के सैंपल जांच में सामान्य पाए गए हैं, लेकिन एक सैंपल रायपुर लैब भेजा गया था। इस रिपोर्ट में कालरा बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। इसके बावजूद जिला नोडल अधिकारी मौत की वजह हाइपरटेंशन बता रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश है।

प्रशासन की सक्रियता पर सवाल

नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर सर्वे कर रही है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से साफ पेयजल उपलब्ध कराने और त्वरित इलाज की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते उचित कदम उठाए जाते तो मौतों को टाला जा सकता था।

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