दुर्ग। गंजपारा स्थित ऐतिहासिक श्री सत्तीचौरा माँ दुर्गा मंदिर नवरात्र पर्व के दौरान पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखता है। यहां क्वांर नवरात्र में प्रतिदिन कन्याओं का पूजन और कन्या भोज कराया जाता है। यह आयोजन प्रदेश में अपनी तरह का एकमात्र अनूठा आयोजन है, जिसमें नौ दिनों तक बेटियों को देवी का स्वरूप मानकर सम्मानित किया जाता है।

22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे मंदिर परिसर में लगभग 200 से अधिक कन्याओं का पूजन एवं कन्या भोज कराया जा रहा है। प्रत्येक दिन अलग-अलग सरकारी स्कूलों से बेटियों को बुलाया जाता है। इनका पूजन कर उन्हें भोजन कराया जाता है और साथ ही शैक्षणिक सामग्री एवं उपयोगी वस्तुएं जैसे बैग, टिफिन, वॉटर बॉटल, पेन, कॉपी, पेंसिल, रबर, शार्पनर, ड्राइंग बुक सहित नौ प्रकार के फल भेंट किए जाते हैं।

समिति के अर्जित शुक्ला ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य बेटियों को शिक्षा और स्वास्थ्य की ओर प्रोत्साहित करना है। उनका मानना है कि जब बेटियां शिक्षित होंगी तो समाज भी प्रगति करेगा।

समाजसेविका सुश्री पायल जैन प्रतिदिन कन्या माताओं को तिलक कर चुनरी ओढ़ाकर सामग्री का वितरण कर रही हैं। उनके अनुसार यह आयोजन बेटियों के आत्मविश्वास और सम्मान को बढ़ाने का एक माध्यम है।

महापौर अल्का बाघमार भी कन्या पूजन में शामिल हुईं और उन्होंने बेटियों को समाज की वास्तविक शक्ति बताया।

ऐतिहासिक महाकन्या भोज की तैयारी

सत्तीचौरा समिति द्वारा प्रतिवर्ष प्रदेश का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कन्या भोज कराया जाता है। इस वर्ष महाकन्या भोज 2 अक्टूबर को आयोजित होगा, जिसमें हजारों कन्या माताओं का पूजन और शोभायात्रा निकाली जाएगी। समिति ने नगर निगम पार्षदों और आंगनबाड़ी महिलाओं से भी माताओं को इस आयोजन में शामिल कराने का अनुरोध किया है।

अष्टमी पर लगेगा 56 भोग

अष्टमी के दिन (29 सितंबर) को मंदिर में विशेष आकर्षण रहेगा। दोपहर 12 बजे मां दुर्गा को 56 भोग अर्पित किया जाएगा और शाम 7 बजे महाआरती के साथ मंदिर परिसर को फलों से सजाया जाएगा। मंदिर का वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर रहेगा।

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