रायपुर, 1 अक्टूबर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक गंभीर खबर सामने आई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2023 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ देश में वरिष्ठ नागरिकों की हत्याओं की दर में सबसे ऊपर है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2023 में राज्य में 72 अलग-अलग मामलों में 73 बुजुर्गों की हत्या हुई।

यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि उन परिवारों की कहानियां हैं जिनके बुजुर्ग सदस्य—जो कभी परिवार का सहारा और मार्गदर्शक थे—अब अपराधों की भेंट चढ़ गए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का औसत बुजुर्ग हत्याओं का दर 1.2 है, जबकि छत्तीसगढ़ इससे कहीं ऊपर है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु का नाम आता है।

बढ़ता अपराध, बढ़ती चिंता

2021 में जहां राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ 1,408 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2022 में यह बढ़कर 1,632 हो गया। 2023 में यह संख्या और बढ़कर 1,798 तक पहुंच गई। यह बढ़ता ग्राफ केवल पुलिस और प्रशासन ही नहीं, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।

दिल्ली भले ही कुल मामलों की संख्या और अपराध दर में सबसे ऊपर रहा हो (1,361 मामले, 118.6 की दर), लेकिन बुजुर्गों की हत्याओं की दर में छत्तीसगढ़ सबसे आगे है।

गिरफ्तारी और न्यायिक स्थिति

2023 में छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों पर अपराधों से जुड़े मामलों में 2,521 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 2,307 पुरुष और 214 महिलाएं शामिल थीं। इनमें से 2,457 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर हुई।
हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया में चुनौतियां भी साफ झलकती हैं—235 दोषी करार दिए गए, जबकि 392 आरोपी बरी हुए।

बुजुर्ग क्यों हो रहे निशाना?

विशेषज्ञों का मानना है कि समाज में अकेलेपन, पारिवारिक कलह और आर्थिक कारणों के चलते बुजुर्ग अपराधियों के आसान शिकार बनते जा रहे हैं। NCRB का यह डेटा हमें न केवल कानून-व्यवस्था की सच्चाई दिखाता है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि क्या हम अपने बुजुर्गों को सुरक्षित वातावरण देने में विफल हो रहे हैं?

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading