Chhattisgarh Maoist killing 2025: बिजापुर, छत्तीसगढ़। बुधवार (1 अक्टूबर, 2025) को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के बिजापुर में एक पूर्व माओवादी मिलिशिया सदस्य की हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि मृतक मडकाम भीमा (Madkam Bhima), जो पुजारिकांकर गांव के निवासी थे, माओवादियों द्वारा पुलिस का सूचक होने के आरोप में मारे गए।

माओवादी हमले का मामला

सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, बिजापुर, जितेंद्र यादव ने बताया कि भीमा पर तेज धार वाले हथियारों से हमला किया गया। भीमा, जो पहले कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के मिलिशिया सदस्य रह चुके थे, को तेलंगाना के वारंगल पुलिस ने गिरफ्तार किया था और लगभग डेढ़ से दो साल जेल में रखा गया। जेल से बाहर आने के बाद भीमा ने माओवादी संबंधों को समाप्त कर दिया और अपने परिवार के साथ गांव में रह रहे थे।

घटनाक्रम

जितेंद्र यादव ने बताया कि बुधवार रात लगभग 9 बजे माओवादी उनके घर आए, भीमा को पुलिस का सूचक होने का आरोप लगाते हुए घर से बाहर खींचा और हत्या कर दी। इसके बाद उसुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

2025 में माओवादी हिंसा का आंकड़ा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 में बस्तर क्षेत्र में अब तक 38 नागरिक माओवादी हमलों में मारे जा चुके हैं, जिनमें से 18 मौतें सिर्फ बिजापुर जिले में हुईं।

माओवादी आत्मसमर्पण अभियान

इसी जिले में एक और बड़ी घटना में 103 माओवादी कैडर ने गुरुवार को आत्मसमर्पण किया। इनमें से 49 के खिलाफ कुल ₹1.06 करोड़ का इनाम था। इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (बस्तर रेंज) पी. सुंदरराज ने कहा कि 2025 में बस्तर रेंज में अब तक 970 नक्सलवादी कैडर ने स्वेच्छा से आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा, “Poona Margem – Rehabilitation to Revival अभियान केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि हिंसा और भ्रम पर आधारित वर्षों पुरानी विचारधारा की हार है।”

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