Tamradhwaj Sahu Dussehra message Durg। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि अगर समाज को रावण रूपी बुराइयों से मुक्त करना है, तो हमें भगवान राम के आदर्शों को जीवन में अपनाना होगा। वे ग्राम गनियारी में आयोजित भव्य दशहरा उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

कार्यक्रम का आयोजन सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति और समस्त ग्रामवासी गनियारी के तत्वाधान में किया गया था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ताम्रध्वज साहू ने अपने संबोधन में कहा —

“दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि यह अच्छाई पर बुराई की जीत का प्रतीक है। हमें अपने बच्चों को अच्छे कर्म करने और सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि ‘रामनत्व’ को अपनाने का अर्थ है अपने जीवन में धार्मिकता, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा को प्रमुखता देना। जब हम इन आदर्शों को अपनाते हैं, तब हमारे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और समाज में भी अच्छा प्रभाव पड़ता है।

साहू ने कहा कि “रावणत्व को समाप्त करने का मतलब है अपने भीतर की नकारात्मकता, अहंकार और अन्याय को दूर करना। हमें यह समझना चाहिए कि दशहरा सिर्फ प्रतीकात्मक रावण दहन नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों को खत्म करने का अवसर है।”

इस अवसर पर रामलीला मंडली के कलाकारों का सम्मान किया गया। मंच पर केस शिल्पकला बोर्ड के अध्यक्ष नंदकुमार सेन, पूर्व सभापति लक्ष्मी साहू, सरपंच संतोषी साहू, रोहित साहू सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यक्रम में मोहन नेगी, बीरेंद्र धनकर, कुलेश्वर साहू, गोवर्धन साहू, जीतेन्द्र साहू, परमानंद साहू, हरीश साहू, मनोज साहू, यशवंत साहू, महेश साहू, संतोष निषाद, दिनु राम साहू सहित सैकड़ों ग्रामवासी शामिल हुए।

गनियारी के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि दशहरा सिर्फ रावण दहन का त्योहार नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और जीवन में अच्छाई अपनाने का पर्व है।

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