8 अक्टूबर 2025 रायपुर Birnpur violence CBI trial। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बिरनपुर हिंसा मामले में दो साल बाद अब CBI ट्रायल शुरू हो गया है। यह वही मामला है जिसने 2023 में पूरे राज्य की राजनीति को हिला दिया था। CBI ने 30 सितंबर 2025 को स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद आज से सुनवाई शुरू हुई।

पहली सुनवाई में हालांकि कोई गवाह कोर्ट नहीं पहुंचा। बताया गया है कि मृतक भुनेश्वर साहू के पिता और बीजेपी विधायक ईश्वर साहू समेत 23 गवाहों को पेश होने के लिए समन भेजा गया है।


🔹 क्या था बिरनपुर हिंसा मामला?

यह विवाद 8 अप्रैल 2023 को शुरू हुआ, जब दो बच्चों के बीच हुई मामूली झड़प ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया।
हिंसा में साजा विधायक ईश्वर साहू के पुत्र भुनेश्वर साहू (22) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

घटना के बाद तनाव बढ़ा और 10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद ने छत्तीसगढ़ बंद बुलाया। हिंसा के दौरान रहीम (55) और उनके बेटे ईदुल मोहम्मद (35) की भी हत्या कर दी गई।
स्थिति गंभीर होने पर प्रशासन ने धारा 144 लागू की और करीब दो सप्ताह तक कर्फ्यू लगा रहा।

शुरुआत में पुलिस ने 12 लोगों को आरोपी बनाया था, लेकिन CBI की जांच में छह नए आरोपियों का भी उल्लेख किया गया है।


🔹 CBI चार्जशीट में बड़ा खुलासा

CBI की चार्जशीट में स्पष्ट किया गया है कि यह मामला किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा नहीं था।
विपक्ष के दावों के विपरीत, पूर्व विधायक अंजोर यदु का नाम चार्जशीट में नहीं है।
एजेंसी ने अप्रैल 2024 में बिरनपुर गांव का दौरा कर नई जांच शुरू की थी और साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की।


🔹 अब सच्चाई आएगी सामने

इस हिंसा ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा असर डाला था।
बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया था, वहीं कांग्रेस ने इसे भाजपा की साजिश बताया।
फरवरी 2024 में विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने CBI जांच की घोषणा की थी।

विधायक ईश्वर साहू ने सदन में बेटे की हत्या पर भावुक बयान दिया था।
अब जब Birnpur violence CBI trial शुरू हो चुका है, तो उम्मीद है कि अदालत में सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सज़ा मिलेगी।

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