रायपुर, 08 अक्टूबर 2025 Raipur Tribal Pride Day Workshop।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार को आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यशाला (Raipur Tribal Pride Day Workshop) का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया। सिविल लाइन स्थित कन्वेंशन हॉल में आयोजित इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और जनजातीय समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


🔹 मुख्यमंत्री ने जनजातीय गौरव की परंपरा को बताया प्रेरणास्रोत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपराएं देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने याद दिलाया कि गत वर्ष भी इसी सभागार में जनजातीय गौरव दिवस कार्यशाला आयोजित हुई थी, जिसे पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक मनाया गया।

मुख्यमंत्री ने जशपुर में आयोजित 10 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस आयोजन में जनजातीय समाज की पारंपरिक वेशभूषा, व्यंजन, आभूषण और संस्कृति का शानदार प्रदर्शन किया गया था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लेकर जनजातीय नायकों की विरासत को राष्ट्रीय सम्मान दिया है।


🔹 जनजातीय योजनाओं पर तेजी से हो रहा है काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास कार्य हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जनमन योजना के अंतर्गत राज्य में 2,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और 32,000 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ के 14 जनजातीय विद्रोहों और वीर नारायण सिंह के जीवन पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण किया गया है। यह संग्रहालय प्रदेश के आदिवासी इतिहास को नई पहचान दिलाएगा।


🔹 शिक्षा और संस्कृति को जोड़ा जाएगा पाठ्यक्रम से

मुख्यमंत्री ने शिक्षाविदों से आग्रह किया कि जनजातीय गौरव और इतिहास को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए ताकि नई पीढ़ी अपने पूर्वजों की समृद्ध विरासत से प्रेरणा ले सके।


🔹 मंत्रियों और प्रबुद्धजनों ने रखा दृष्टिकोण

कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि यह आयोजन जनजातीय समाज की परंपराओं और चुनौतियों को सामने लाने का मंच बनेगा।
आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि इस बार जनजातीय गौरव दिवस को और भव्य व प्रभावी रूप से मनाया जाएगा।

वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि पिछले वर्ष 70,000 से अधिक लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया था, जिससे छत्तीसगढ़ का संदेश पूरे देश में पहुंचा।
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के महामंत्री योगेश बापट ने कहा कि जनजातीय समाज आत्मनिर्भर है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उसके उत्थान के लिए समर्पित हैं।


🔹 कार्यक्रम में शामिल रहे अधिकारी और शिक्षाविद

इस अवसर पर डॉ. एस. भारतीदासन (सचिव, उच्च शिक्षा विभाग), डॉ. सारांश मित्तर (आयुक्त, आदिम जाति विकास विभाग), श्री विजय दयाराम के. (संचालक, रोजगार एवं प्रशिक्षण) सहित कई विश्वविद्यालयों के कुलपति और महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading