जांजगीर-चांपा, 11 अक्टूबर 2025 Janjgir Champa teachers misbehaved with journalists।
छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बलौदा विकासखंड के ग्राम खैजा में शिक्षकों की मनमानी और लापरवाही ने बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित कर दिया है। मामला इतना बढ़ गया कि जब पत्रकारों ने सच्चाई दिखाने की कोशिश की तो शिक्षकों ने मीडिया से बदसलूकी तक कर डाली।
यह घटना अब Janjgir Champa teachers misbehaved with journalists के रूप में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।


📚 बच्चे समय पर, शिक्षक देर से

गांववालों ने बताया कि बच्चे रोज़ सुबह समय पर स्कूल पहुंच जाते हैं, लेकिन ज्यादातर शिक्षक देर से आते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, केवल मनोज मरकाम नामक शिक्षक ही समय पर पहुंचते हैं। बाकी शिक्षक अकसर सुबह 10:30 बजे के बाद स्कूल आते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है।

“हमने कई बार कहा कि शिक्षक समय पर आएं, पर कोई सुनवाई नहीं होती,” — ग्रामीणों ने कहा।


🎥 पत्रकारों से अभद्र व्यवहार

जब मीडिया टीम स्थिति देखने के लिए मौके पर पहुंची, तो शिक्षक महेन्द्र पाटले करीब 10:30 बजे स्कूल पहुंचे। पत्रकारों ने जब उनसे सवाल किए, तो उन्होंने कैमरा हटाने और माइक खींचने की कोशिश की।
उनका कथन था —

“आप हमारा वीडियो कैसे बना सकते हो? मैं आपको देख लूंगा।”

यह बयान कैमरे में कैद हो गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया।


🏢 अधिकारी नदारद और चुप्पी साधे हुए

जब पत्रकारों ने स्कूल के संकुल समन्वयक और प्रभारी शिक्षक से संपर्क करने की कोशिश की, तो दोनों ही स्कूल से नदारद पाए गए।
वहीं, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने भी यह कहकर कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया कि उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

अब बड़ा सवाल यही है —

“जब शिक्षक, प्रभारी और अधिकारी ही अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं, तो बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी कौन लेगा?”


यह घटना केवल एक स्कूल की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की तस्वीर दिखाती है। गांव के छोटे बच्चे हर सुबह उम्मीद लेकर स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन जब उन्हें शिक्षक नहीं मिलते, तो उनकी सीखने की ललक टूटती है। यह कहानी शिक्षा की नहीं, जिम्मेदारी की है — जो लगातार खोती जा रही है।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading