नई दिल्ली/बीजापुर, CRPF commando training school Chhattisgarh |
देश से नक्सलवाद समाप्त करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ियों (Karregutta Hills) में CRPF commando training school Chhattisgarh स्थापित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है।

यही वह इलाका है जहां इस साल अप्रैल से मई 2025 के बीच हुए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट (Operation Black Forest) में सुरक्षा बलों ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 नक्सलियों को ढेर किया था।


🪖 ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट के बाद नई रणनीति

सीआरपीएफ, कोबरा कमांडो और छत्तीसगढ़ पुलिस ने तीन हफ्ते चले इस अभियान में 450 आईईडी, 35 आधुनिक हथियार, 2 टन विस्फोटक बरामद किए और 214 बंकरों व 250 गुफाओं को नष्ट किया था।
इस अभियान को सरकार ने “देश का सबसे बड़ा एंटी-नक्सल ऑपरेशन” करार दिया था।

अब इसी इलाके में कमांडो ट्रेनिंग स्कूल स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है ताकि इलाके को स्थायी रूप से सुरक्षा कवच प्रदान किया जा सके और नक्सली फिर से यहां पैर न जमा सकें।


🧭 कर्रेगुट्टा का कठिन भूगोल

कर्रेगुट्टा पहाड़ियां लगभग 60 किलोमीटर लंबी और 5-20 किलोमीटर चौड़ी हैं। इन पहाड़ियों में गुफाएं, बंकर, जंगली जानवर और घने जंगल हैं।
एक अधिकारी के मुताबिक—

“ऑपरेशन के बाद पहाड़ियों में छिपे बमों और आईईडी को निष्क्रिय किया गया है। अब यहां एक स्थायी ट्रेनिंग बेस बनाने की योजना है ताकि इलाका सुरक्षित बना रहे।”


⚡ पानी और बिजली की चुनौती

अधिकारियों के अनुसार, गर्मियों में इस क्षेत्र का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहता है और पानी-बिजली की कमी एक बड़ी चुनौती है।
इन समस्याओं के समाधान के बाद ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना को अंतिम रूप दिया जाएगा।


🧨 नक्सलियों का गढ़ था कर्रेगुट्टा

यह क्षेत्र लंबे समय से पीएलजीए बटालियन नंबर 1, तेलंगाना स्टेट कमेटी और अन्य नक्सली इकाइयों का ठिकाना रहा है।
करीब 350 नक्सली, जिनमें कई टॉप कमांडर शामिल थे, पिछले ढाई साल से इसी इलाके में छिपे हुए थे।
यहां उनका मुख्य हथियार निर्माण केंद्र भी संचालित होता था, जिसे सुरक्षा बलों ने ध्वस्त कर दिया।


🏕️ अब सुरक्षा और पर्यटन दोनों

सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर भी विचार कर रही है।

“यह इलाका अब सुरक्षित है, इसलिए यहां एक स्थायी सुरक्षा बेस और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावना है,” एक अधिकारी ने कहा।


🧾 निष्कर्ष

CRPF commando training school Chhattisgarh की स्थापना से न सिर्फ क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा उपस्थिति बनेगी, बल्कि यह भारत सरकार की 2026 तक देश से वामपंथी उग्रवाद खत्म करने की योजना को भी मजबूती देगा।
कर्रेगुट्टा पहाड़ियों का यह नया अध्याय अब नक्सलवाद से संघर्ष नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सुरक्षा प्रशिक्षण की नई कहानी लिखेगा।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading