दुर्ग, 13 अक्टूबर 2025 Diwali fire safety guidelines Durg।
आगामी दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए दुर्ग प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अग्नि सुरक्षा दिशा-निर्देश (Fire Safety Guidelines) जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य त्योहार के उल्लास के साथ-साथ दुर्घटनाओं से बचाव सुनिश्चित करना है।

नगर सेना दुर्ग के जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी श्री नागेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि शासन की एडवायसरी के अनुसार पटाखा दुकानों और नागरिकों, दोनों के लिए सख्त सुरक्षा उपाय अनिवार्य किए गए हैं।


🔥 पटाखा दुकानों के लिए दिशा-निर्देश:

एडवायसरी में कहा गया है कि सभी पटाखा दुकानें अज्वलनशील सामग्री जैसे टिन शेड से बनी होनी चाहिए। किसी भी दुकान में कपड़ा, बांस, रस्सी या टेंट जैसी ज्वलनशील वस्तुओं का प्रयोग वर्जित है।
दुकानें आपस में कम से कम तीन मीटर की दूरी पर बनाई जाएं और एक-दूसरे के सामने न हों

साथ ही, तेल के लैंप, गैस लैम्प या खुली बिजली बत्ती का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। 50 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की आतिशबाजी प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।

हर दुकान में 5 किलोग्राम डीसीपी अग्निशामक यंत्र होना अनिवार्य किया गया है, जिसकी मारक क्षमता छह फीट होती है। इसके अलावा 200 लीटर पानी के ड्रम और बाल्टियाँ पास में रखी जानी चाहिए।

ट्रांसफार्मर या हाई टेंशन लाइन के पास पटाखा दुकानें नहीं लगाई जा सकेंगी। दुकानों के सामने वाहन पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी ताकि अग्निशमन वाहन के आवागमन में बाधा न हो।

अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस के नंबर दुकान परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।


💥 क्या करें (Do’s):

  • लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदें।
  • खुले मैदान या सुरक्षित स्थान पर ही पटाखे जलाएं
  • पानी की बाल्टी या बाल्टियाँ पास रखें ताकि आपात स्थिति में तुरंत उपयोग हो सके।
  • सूती कपड़े पहनें और बच्चों की बड़ों की निगरानी में आतिशबाजी कराएं।
  • एक बार में एक ही पटाखा जलाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

🚫 क्या ना करें (Don’ts):

  • घर के अंदर या खिड़कियों के पास पटाखे न जलाएं।
  • ढीले या सिंथेटिक कपड़े पहनने से बचें।
  • गैस सिलेंडर, वाहनों या सूखी पत्तियों के पास पटाखे न जलाएं।
  • यदि कोई पटाखा फेल हो जाए, तो दोबारा आग न लगाएं।
  • तेल के दीये या मोमबत्तियाँ जलते हुए unattended न छोड़ें।
  • किसी भी चोट या जलन की स्थिति में तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।

जिला अग्निशमन अधिकारी श्री सिंह ने बताया कि यदि किसी दुकान या व्यक्ति द्वारा इन नियमों का पालन नहीं किया गया, तो छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे त्योहार को सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्वक मनाएं, ताकि दीपावली की रोशनी हर घर में खुशहाली लेकर आए, न कि किसी घर में दुःख की लौ जलाए।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading