दुर्ग, 13 अक्टूबर 2025 POSH Act 2013 workshop Durg।
जिले में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि जिले के सभी ऐसे कार्यालयों और विद्यालयों में, जहाँ 10 या अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 — यानी पोश एक्ट 2013 के तहत आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है।

इन निर्देशों के पालन में, दुर्ग में इस विषय पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य था — सभी संस्थानों को पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया की जानकारी देना और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।

कार्यशाला दो पालियों में आयोजित हुई — पहली पाली में शासकीय विद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए (दोपहर 01 बजे से 02 बजे तक), जबकि दूसरी पाली में अशासकीय विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने (02:15 से 03:15 बजे तक) भाग लिया। कुल 114 शासकीय विद्यालय और 134 अशासकीय विद्यालय इस कार्यक्रम का हिस्सा बने।

कार्यशाला का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग की प्रभारी अधिकारी श्रीमती प्रीति बाला शर्मा ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को पोर्टल ऑनबोर्डिंग की लाइव प्रक्रिया समझाई और बताया कि हर संस्था को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समिति न केवल गठित हो, बल्कि ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत भी हो।

इस अवसर पर सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग, धमधा और पाटन, श्रीमती गौरा शुक्ला, सहायक ग्रेड-03 श्रीमती प्रत्याक्षा सिंह चौहान, डाटा एंट्री ऑपरेटर श्रीमती सीमा विश्वकर्मा और श्री चिंतामणि साहू भी उपस्थित रहे।

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों और विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे पोश एक्ट 2013 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करें ताकि किसी भी प्रकार के लैंगिक उत्पीड़न की घटनाओं को रोका जा सके।

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