Chhattisgarh High Court on road birthday celebrations: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में सड़कों पर जन्मदिन मनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर एक बार फिर कड़ी नाराज़गी जताई है। अदालत ने उस घटना पर स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के निजी सहायक (PA) ने अपनी पत्नी का जन्मदिन सार्वजनिक सड़क पर केक काटकर और पटाखे फोड़कर मनाया था।

सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति अमितेंद्र प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि अगर शासन ने अब भी नियंत्रण नहीं किया, तो अदालत सीधे व्यक्तियों को पक्षकार बनाकर अवमानना की कार्रवाई शुरू करेगी।


⚖️ अदालत की तीखी टिप्पणी

मुख्य न्यायाधीश सिन्हा ने कहा,

“अगर किसी को लगता है कि अदालत के आदेशों को चुनौती दी जा सकती है, तो हम उन्हें न्यायिक अधिकार की ताकत दिखा देंगे। सरकार की निष्क्रियता अब असहनीय होती जा रही है।”

अदालत ने कहा कि शासन और प्रशासन केवल नाममात्र की कार्रवाई कर रहे हैं—पहले एफआईआर दर्ज की जाती है और फिर आरोपियों को ₹5,000 या ₹10,000 के जुर्माने पर छोड़ दिया जाता है।


🎂 वायरल वीडियो से भड़का मामला

यह मामला चिरमिरी नगर निगम के डोमनहिल सोनवानी नाका क्षेत्र से जुड़ा है, जहां स्वास्थ्य मंत्री के पीए ने सड़क पर जन्मदिन मनाया। केक काटने और पटाखे जलाने का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर वायरल हुआ, जिसके बाद अदालत ने स्वतः संज्ञान लिया।

पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं —

  • बलरामपुर-रामानुजगंज में एक डीएसपी की पत्नी को नीली बत्ती लगी कार पर केक काटते देखा गया।
  • रायपुर में एक मॉल मालिक के बेटे, एक कांग्रेस नेता और एक महापौर के बेटे से जुड़ी घटनाएँ भी सुर्खियों में आईं।
  • हाल ही में बिलासपुर के रतनपुर बायपास रोड पर युवाओं ने तलवार से केक काटा, जिससे ट्रैफिक जाम लग गया। पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार कर हथियार जब्त किए।

🚨 कोर्ट ने जताई चिंता – “कानून व्यवस्था पर सवाल”

अदालत ने कहा कि यह प्रवृत्ति कानून के शासन को खुली चुनौती है।

“मुख्य सचिव पहले भी कई बार हलफनामे दे चुके हैं, पर घटनाएँ नहीं रुक रहीं। यदि अगली बार यह दोहराई गई, तो अदालत प्रतिकूल आदेश देगी,” — खंडपीठ ने कहा।


🏛️ सरकार को मिले सख्त निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह सार्वजनिक सड़कों पर निजी समारोहों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने के लिए प्रभावी नीति बनाए और पुलिस को ऐसे आयोजनों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश जारी करे।


📍 निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का यह रुख साफ संकेत देता है कि अब सड़कों को निजी आयोजनों का मंच नहीं बनाया जा सकेगा।
Chhattisgarh High Court on road birthday celebrations ने यह संदेश दिया है कि कानून के शासन के सामने किसी की व्यक्तिगत खुशी या प्रभाव बड़ा नहीं हो सकता।

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