Cyber awareness campaign in Chhattisgarh schools Raipur:
देश में जिस तेज़ी से तकनीक और डिजिटल सेवाओं का विस्तार हो रहा है, उसी गति से साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं।
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में हर 20 मिनट में कोई न कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो रहा है। इनमें रायपुर और दुर्ग जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक नई पहल शुरू करने का फैसला लिया है, जिसके तहत स्कूलों में छात्रों को साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता की शिक्षा दी जाएगी।


🧑‍🏫 छात्रों को किया जाएगा जागरूक

स्मार्टफोन और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के बावजूद, डिजिटल साक्षरता की कमी लोगों को ठगी का आसान शिकार बना रही है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर, छत्तीसगढ़ पुलिस अब “साइबर जागरूकता अभियान” चलाने की तैयारी कर रही है।
इस अभियान में स्कूल शिक्षा विभाग, पंचायत संस्थाएं और साइबर पुलिस मिलकर काम करेंगी ताकि लोग असली और फ़र्ज़ी सूचनाओं में अंतर करना सीख सकें।


📘 स्कूलों के सिलेबस में जुड़ेंगे नए चैप्टर

राज्य सरकार की योजना के अनुसार, स्कूली सिलेबस में साइबर सिक्योरिटी, एआई (AI), इंटरनेट के उपयोग और दुरुपयोग जैसे विषय शामिल किए जाएंगे।
छात्रों को यह भी सिखाया जाएगा कि फेक न्यूज़ और डीपफेक जैसी झूठी सामग्रियों की पहचान कैसे करें और उन्हें आगे न फैलाएं।
इससे बच्चे न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनेंगे, बल्कि डिजिटल नागरिकता की समझ भी विकसित करेंगे।


🌐 ग्रामीण इलाकों में भी चलेगा अभियान

पुलिस विभाग इस अभियान को ग्रामीण स्तर तक ले जाने की योजना बना रहा है।
गाँवों में भी लोगों को एआई, डीपफेक, ऑनलाइन ठगी, OTP फ्रॉड, और सोशल मीडिया स्कैम जैसे मुद्दों पर जानकारी दी जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि जागरूकता बढ़ने से साइबर अपराधों में कमी आएगी और लोग डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहेंगे।


👮‍♀️ पुलिस की अपील:

छत्तीसगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी अज्ञात लिंक, कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और किसी को बैंक डिटेल या OTP साझा न करें
साथ ही, छात्र और अभिभावक साइबर हेल्पलाइन 1930 पर ठगी की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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