दुर्ग, 17 अक्टूबर 2025 Durg Green Diwali Workshop।
जिला न्यायालय दुर्ग के नवीन सभागार में 16 अक्टूबर को विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका विषय था — “ग्रीन दीपावली मनाएं – प्रदूषण मुक्त दीप जलाएं”। कार्यक्रम का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और पैरालीगल वॉलेंटियर्स को पर्यावरण अनुकूल तरीके से दीपावली मनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यशाला का शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के करकमलों द्वारा दीप प्रज्वलन और ग्रीन दीपावली के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण, न्यायालयीन कर्मचारी और पैरालीगल वॉलेंटियर्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


🔹 प्रदूषण और स्वास्थ्य पर प्रभाव

कार्यशाला में परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री थॉमस एक्का और जिला न्यायालय के उच्च न्यायिक सेवा अधिकारी श्री प्रशांत पाराशर ने फटाखों और धुएं से होने वाले ध्वनि एवं वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों से अवगत कराया।
उनके अनुसार, दीपावली के दौरान फोड़े जाने वाले फटाखों से PM 2.5 स्तर दस गुना तक बढ़ जाता है, जिसमें सल्फर, जिंक, कॉपर, लेड, पोटेशियम नाइट्रेट और आर्सेनिक जैसे खतरनाक रसायन मौजूद होते हैं। ये रसायन सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंचकर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकते हैं।


🔹 ग्रीन दीपावली के व्यावहारिक उपाय

कार्यशाला में प्रतिभागियों को प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के व्यावहारिक उपाय बताए गए, जैसे:

  • मिट्टी के दीयों का प्रयोग करना
  • ताजे फूलों से सजावट
  • प्राकृतिक रंगों से रंगोली बनाना
  • वृक्षारोपण और अपशिष्ट प्रबंधन
  • स्थानीय उत्पादों का उपयोग

कार्यशाला में यह संदेश दिया गया कि हमें परंपराओं और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाकर ही त्योहार मनाना चाहिए।


🔹 सामूहिक संकल्प

कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पारंपरिक उल्लास के साथ दीपावली को पर्यावरण अनुकूल बनाएंगे और समाज में ग्रीन दीपावली का संदेश फैलाएंगे।

यह कार्यक्रम जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के संयुक्त तत्वाधान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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