रायपुर, 21 अक्टूबर 2025, Police Commemoration Day Raipur।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज चौथी वाहिनी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, माना परिसर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस पर भावनात्मक माहौल देखने को मिला। राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुलिस के शहीद वीर जवानों को नमन किया और शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदना व्यक्त की और उन्हें शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए।


💬 राज्यपाल रमेन डेका बोले – “पुलिस का पराक्रम देश के हर नागरिक के लिए प्रेरणा है”

राज्यपाल श्री डेका ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस जवानों का पराक्रम, साहस और अनुशासन देश की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि पुलिस दिन-रात अपने कर्तव्यों का पालन कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, ताकि समाज शांति और विश्वास के वातावरण में जी सके।

नक्सल प्रभावित इलाकों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने साहस और निष्ठा के साथ नक्सलवाद की चुनौती का डटकर सामना किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज इन क्षेत्रों में शांति स्थापित हो रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ पूर्णतः नक्सल समस्या से मुक्त होगा।


🕊 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा – “शहीदों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा”

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 21 अक्टूबर का दिन पुलिस बल के सर्वोच्च बलिदान को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी पुलिस जवान समाज की सुरक्षा में तत्पर रहते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध पुलिस और सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस दिखाया है, जिसके कारण आज बस्तर और उत्तर बस्तर विकास की राह पर अग्रसर हैं। उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार’, ‘पीएम जनमन’ और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ जैसी योजनाएं सुदूर अंचलों में बदलाव की नई कहानी लिख रही हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में राज्य सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के लक्ष्य की ओर दृढ़ता से बढ़ रही है।


🛡 उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया वीर जवानों को नमन

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि हमारे पुलिस जवान बस्तर में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए निरंतर संघर्षरत हैं। उन्होंने कहा कि वे न केवल सुरक्षा में, बल्कि विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि शहीद परिवारों की सहायता के लिए आईजी और एसपी कार्यालयों में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं और शहीदों की स्मृति को स्थायी बनाने के लिए स्मारिका प्रकाशन का निर्णय लिया गया है।


👥 कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी हुए शामिल

इस अवसर पर विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, संभागायुक्त महादेव कांवरे, आईजी अमरेश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, जवान और शहीदों के परिजन उपस्थित रहे।


✍️ निष्कर्ष

पुलिस स्मृति दिवस का यह आयोजन न केवल वीर जवानों के बलिदान का स्मरण था, बल्कि समाज और शासन की ओर से उनके परिजनों के प्रति सम्मान और आभार का प्रतीक भी बना। इस अवसर पर पूरा राज्य एक भावनात्मक एकता के साथ अपने वीर जवानों को नमन करता दिखाई दिया।

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