दुर्ग। Pandavani Mahasammelan 2025 ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को एक बार फिर विश्व पटल पर चमकाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि पंडवानी ने राज्य को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है। उन्होंने इसे लोक चेतना, नारी सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि Pandavani Mahasammelan 2025 केवल एक कला उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव है। उन्होंने कहा – “छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने न्यूयॉर्क, पेरिस और लंदन तक अपनी प्रस्तुति से दुनिया को मंत्रमुग्ध किया है। यह गर्व की बात है कि पंडवानी ने हमारी परंपरा को जीवित रखा है।”

साय ने पंडवानी के पुरोधा स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन, स्वर्गीय लक्ष्मी बंजारे, पद्मविभूषण तीजन बाई, और पद्मश्री डॉ. उषा बारले जैसी विभूतियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि महिला कलाकारों ने पंडवानी को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं —

  • नागरिक कल्याण महाविद्यालय नंदिनी में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्रारंभ होंगी।
  • अछोटी में बीएड कॉलेज खोला जाएगा।
  • मेड़ेसरा को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।
  • सामुदायिक भवन हेतु 20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
  • सभी पंचायतों में सीसी रोड निर्माण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ की रजत जयंती मनाई जाएगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस समारोह में शामिल होकर राज्य का गौरव बढ़ाएं।

Pandavani Mahasammelan 2025 के मंच पर जब मुख्यमंत्री ने कहा कि “तीजन बाई जब तंबूरा लेकर आलाप भरती हैं, तो आकाश के देवी-देवता भी सुनने लगते हैं,” तो पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश और दुनिया में अपनी संस्कृति और कला के लिए जाना जाता है। उन्होंने सभी पंडवानी कलाकारों को अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस पर बधाई दी और कहा कि यह परंपरा हमारी पहचान है।

Pandavani Mahasammelan 2025 की संयोजक पद्मश्री डॉ. उषा बारले ने कहा कि पंडवानी केवल कला नहीं बल्कि लोकजीवन की धड़कन है। इस आयोजन से नई पीढ़ी में लोककला के प्रति प्रेम और सम्मान बढ़ेगा।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ललित चंद्राकर, ईश्वर साहू, राज्य तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, आईजी आर.जी. गर्ग, कलेक्टर अभिजीत सिंह, और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि Pandavani Mahasammelan 2025 छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव है और यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बनेगा।

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