बलौदाबाजार, 26 अक्टूबर 2025: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार वनमंडल के अर्जुनी परिक्षेत्र में वन्यप्राणी गौर (बायसन) के करेंट लगाकर शिकार करने की घटना ने वन विभाग को सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है। विभाग ने लापरवाही बरतने वाले वनरक्षक प्रेमचंद धृतलहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।


घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, यह मामला अर्जुनी परिक्षेत्र के बिलाड़ी परिसर के संरक्षित वन कक्ष क्रमांक 324 से जुड़ा है।
दिनांक 25 अक्टूबर को वन विभाग को सूचना मिली कि एक वन्यप्राणी गौर (बायसन) की करेंट लगाकर अवैध रूप से हत्या कर दी गई है।
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।


👮 वनरक्षक निलंबित, जांच जारी

अवैध गतिविधियों को रोकने में लापरवाही और अपेक्षित सतर्कता न बरतने के कारण वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने वनरक्षक प्रेमचंद धृतलहरे को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

वनमंडलाधिकारी ने बताया कि प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और शिकार में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। विभाग ने कहा है कि सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।


🌲 गश्त और निगरानी बढ़ाई गई

वन विभाग ने इस घटना के बाद आसपास के सभी परिसरों में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है।
स्थानीय ग्रामवासियों से अपील की गई है कि वे वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।

वन अधिकारियों ने बताया कि बायसन (गौर) जैसे सुरक्षित वन्यप्राणी की हत्या वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत गंभीर अपराध है, और दोषियों को कठोर दंड मिलेगा।


💬 वन विभाग की प्रतिक्रिया

वनमंडलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने कहा —

“वन्यजीवों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

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