रायपुर, 31 अक्टूबर 2025।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां मना क्षेत्र स्थित ‘ब्लू वाटर’ खदान में नहाने गए दो किशोर छात्रों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान जयेश साहू (रायगढ़ निवासी) और मृदुल बंजरिया (बस्तर निवासी) के रूप में की गई है। दोनों कक्षा 10 के छात्र थे और रायपुर के तातीबंध स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ते थे।

पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जयेश और मृदुल शुक्रवार सुबह अपने 3–4 दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से मना क्षेत्र पहुंचे। सुबह करीब 10:30 बजे वे ‘ब्लू वाटर’ खदान पर पहुंचे, जो स्थानीय लोगों के अनुसार 350–400 फीट गहरी है।


🚨 गांववालों ने दी थी चेतावनी, फिर भी उतरे पानी में

स्थानीय ग्रामीणों ने छात्रों को खदान में उतरने से मना किया था, क्योंकि यह क्षेत्र अत्यधिक गहरा और खतरनाक है। इसके बावजूद दोनों छात्र पानी में उतर गए, जबकि उनके साथी किनारे पर बैठे नाश्ता कर रहे थे। कुछ ही देर में जयेश और मृदुल गहरे हिस्से में चले गए और डूब गए।

गांववालों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और 112 हेल्पलाइन पर फोन किया। हादसे के बाद उनके दोस्तों ने डर के कारण मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।


🧍‍♂️ SDRF की पांच घंटे चली खोज, फिर भी नहीं मिले शव

घटना की सूचना मिलते ही स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने करीब पांच घंटे तक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक छात्रों के शव नहीं मिल सके।

मृदुल रायपुर में एक हॉस्टल में रहता था, जबकि जयेश कबीर नगर में अपने रिश्तेदारों के पास रह रहा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों स्कूल के समय में हॉस्टल और घर से बाहर कैसे निकले और इतनी दूर मना तक कैसे पहुंचे।


⚠️ पहले भी हो चुके हैं हादसे, फिर भी नहीं लगी बाउंड्री

मना क्षेत्र की यह ‘ब्लू वाटर’ खदान पहले से ही खतरनाक मानी जाती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस खदान में पहले भी कई डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं।

मना थाना प्रभारी ने बताया कि इस स्थान को सुरक्षित करने के लिए पहले भी राज्य सरकार को बाड़ लगाने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। खदान की लंबाई करीब 150 मीटर और चौड़ाई 50 मीटर बताई जाती है।


🕯️ परिवार में मातम, स्कूल प्रशासन भी सदमे में

दोनों छात्रों की मौत की खबर से उनके परिवारों में मातम छा गया है। स्कूल प्रशासन ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि वे पुलिस जांच में पूरी तरह सहयोग करेंगे।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खदान के चारों ओर तुरंत सुरक्षा दीवार और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading