सुकमा, छत्तीसगढ़:
नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षाबलों ने माओवादियों की एक हथियार निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में 17 रायफल, एक रॉकेट लॉन्चर और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, डीआरजी को गुप्त सूचना मिली थी कि जंगलों के भीतर माओवादी बड़ी मात्रा में हथियार तैयार कर रहे हैं। इस पर टीम ने अभियान चलाते हुए इलाके की घेराबंदी की और ठिकाने पर छापा मारा।


💥 माओवादियों की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ध्वस्त

सुरक्षा बलों ने बताया कि जिस ठिकाने से हथियार बरामद हुए हैं, वह माओवादियों की प्रमुख ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। यहां रायफल, विस्फोटक सामग्री और गोला-बारूद बनाने के उपकरण बड़ी मात्रा में मौजूद थे।

डीआरजी के जवानों ने जब ठिकाने की तलाशी ली तो 17 देसी और आधुनिक रायफल, एक रॉकेट लॉन्चर, बारूद, वायर, बैटरी, और हथियार निर्माण में उपयोग होने वाले औजार बरामद किए गए।


🚔 सुरक्षा बलों की रणनीतिक सफलता

डीआरजी अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन माओवादियों की सप्लाई चेन और नेटवर्क को तोड़ने में एक निर्णायक कदम साबित होगा।
अभियान के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि किसी भी संभावित नक्सली गतिविधि को रोका जा सके।

एक अधिकारी ने कहा — “सुकमा में चलाए जा रहे इस अभियान से माओवादियों को बड़ा झटका लगा है। अब वे अपने हथियार निर्माण नेटवर्क को फिर से स्थापित नहीं कर पाएंगे।”


🌾 स्थानीय लोगों में भरोसा बढ़ा

इस अभियान के बाद सुकमा के स्थानीय ग्रामीण इलाकों में भी राहत का माहौल है। लोगों ने कहा कि सुरक्षा बलों की सक्रियता से इलाके में अब धीरे-धीरे शांति और भरोसा लौट रहा है।


🔚 निष्कर्ष

डीआरजी की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की नक्सल उन्मूलन नीति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सुकमा में यह सफलता माओवादियों की योजनाओं पर न केवल गंभीर चोट है, बल्कि यह सुरक्षा बलों के साहस और रणनीति का प्रतीक भी है।

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