रायपुर, 8 नवम्बर 2025/
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में आयोजित ‘जशपुर जम्बुरी’ ने राज्य के पर्यटन को नई पहचान दी है। चार दिवसीय इस आयोजन (6 से 9 नवम्बर) ने स्थानीय संस्कृति, प्रकृति और रोमांच को एक मंच पर लाकर ग्रामीण पर्यटन को नया जीवन दिया है।

कार्यक्रम में देशभर से आए पर्यटक जशपुर की वादियों, लोक संस्कृति और आतिथ्य से अभिभूत हैं। ग्राम केरे में पर्यटकों के लिए बनाए गए आठ होम स्टे विशेष आकर्षण का केंद्र रहे, जहाँ मेहमानों को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वातावरण में रहने और स्थानीय जीवनशैली को नजदीक से समझने का अवसर मिला।

होम स्टे में ठहरे पर्यटक स्थानीय परिवारों के सदस्य बनकर रह रहे हैं। वे घरेलू भोजन, लोक संस्कृति और छत्तीसगढ़ी परंपराओं का वास्तविक अनुभव कर रहे हैं। एक पर्यटक ने कहा, “यहाँ की सादगी और आत्मीयता ने दिल जीत लिया। होटल से कहीं बेहतर अनुभव है।”

यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्थानीय परिवारों को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर भी प्रदान कर रही है। प्रशासन की यह पहल छत्तीसगढ़ को होम स्टे आधारित ग्रामीण पर्यटन मॉडल में अग्रणी बना रही है, जैसा कि हिमाचल, उत्तराखंड और केरल जैसे राज्यों में देखने को मिलता है।

जशपुर जम्बुरी के दूसरे दिन रोमांच प्रेमियों के लिए रॉक क्लाइंबिंग का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 120 पर्यटकों ने भाग लिया। हरियाली से घिरी वादियों के बीच पर्यटक एडवेंचर और सुकून दोनों का अनुभव कर रहे हैं।

पहले दिन पंजीकृत पर्यटकों को दोना-पत्तल में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी भोजन परोसा गया। शाम को लोक कलाकारों के गीत और नृत्य ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।

रात के कार्यक्रम में आयोजित स्टार-गेजिंग सेशन ने पर्यटकों को रोमांच और शांति का अद्भुत संगम प्रदान किया। खुले आसमान के नीचे तारों को निहारते हुए लोग प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिता रहे थे।

जिला प्रशासन द्वारा निवास, भोजन, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की उत्कृष्ट व्यवस्था ने ‘जशपुर जम्बुरी’ को एक आदर्श ग्रामीण पर्यटन उत्सव बना दिया है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला है और जशपुर अब “प्रकृति, संस्कृति और एडवेंचर का संगम” बनकर राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभर रहा है।

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