रायपुर, 9 नवम्बर 2025:
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर संभाग में संवेदनशील ग्रामों में आयोजित मेडिकल कॉलेज के स्वास्थ्य शिविरों को “नई मानवीय पहल” बताया।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों द्वारा सुरक्षा कैंपों के समीप ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं देना न केवल सराहनीय कदम है, बल्कि यह चिकित्सकों को जनता से प्रत्यक्ष जुड़ाव और सेवा का अनोखा अनुभव प्रदान करता है।


💬 “सेवा का आनंद पैसा से नहीं खरीदा जा सकता” — विजय शर्मा

स्व बलिराम स्मृति मेडिकल कॉलेज के चरक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विजय शर्मा ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से संवाद करते हुए कहा,

“संवेदनशील ग्रामों में आयोजित स्वास्थ्य शिविर केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि मानवीय जुड़ाव की मिसाल हैं। ग्रामीणों की सेवा का जो आनंद इन शिविरों से मिलेगा, वह धन से नहीं खरीदा जा सकता।”

उन्होंने कॉलेज के डीन और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल युवाओं में सेवा भावना और मानवीय दायित्वबोध को सशक्त करेगी।


🏥 स्वास्थ्य शिविरों से चिकित्सकों को मिला नया अनुभव

विजय शर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने न केवल स्वास्थ्य सेवाएं दीं, बल्कि ग्रामीणों की जरूरतों और उनकी जीवनशैली को भी करीब से समझा।
उन्होंने कहा कि रायपुर के वरिष्ठ चिकित्सक भी बस्तर आकर ऐसे शिविरों में भाग ले रहे हैं, जिससे राज्य के सभी डॉक्टरों में समानुभूति और सेवा भावना बढ़ रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज के छात्र-चिकित्सकों को आगे भी ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में जाकर सेवा देने की मानसिकता रखनी चाहिए, क्योंकि यही समर्पण की असली परीक्षा है।


🌿 “बस्तर की शांति और सेवा दोनों महत्वपूर्ण” — विधायक किरण सिंह देव

कार्यक्रम में जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि सरकार बस्तर में शांति बहाली के साथ-साथ जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने कहा,

“संवेदनशील ग्रामों में मेडिकल शिविर आयोजित करना न केवल स्वास्थ्य सेवा का विस्तार है, बल्कि यह बस्तर की जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।”

किरण सिंह देव ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक दल को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल आने वाले समय में जनविश्वास और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाएगी।


👩‍⚕️ अधिकारियों ने दी बधाई, आगे की योजना पर चर्चा

कार्यक्रम में आईजी सुंदरराज पी., विधायक विनायक गोयल, कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिंहा, डीन डॉ. प्रदीप बेक, और अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू मौजूद रहे।
आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि आने वाले समय में स्वास्थ्य शिविरों की श्रृंखला को और बढ़ाया जाएगा ताकि बस्तर के अधिक से अधिक संवेदनशील इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें।


❤️ जनसेवा की दिशा में नई शुरुआत

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री शर्मा ने स्वास्थ्य शिविरों में शामिल 18 सदस्यों की टीम से परिचय प्राप्त कर उनके कार्यों की सराहना की।
उन्होंने बस्तर संभाग से आए अध्ययनरत छात्रों से भी बातचीत की और उन्हें अपने जिले की जरूरतों को समझकर आगे ग्रामीण स्वास्थ्य सुधार में भूमिका निभाने की प्रेरणा दी।


निष्कर्ष:

बस्तर के संवेदनशील ग्रामों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन की “जनसेवा से जनसंपर्क” की नीति का जीवंत उदाहरण बन गया है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में बस्तर न केवल शांति का प्रतीक बनेगा, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा का मॉडल क्षेत्र भी बनेगा।

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