महासमुंद। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर महासमुंद जिले के तीन निजी अस्पतालों को निलंबित कर दिया है।

इनमें महानदी हॉस्पिटल (महासमुंद), सेवा भवन हॉस्पिटल (ग्राम जगदीशपुर, पिथौरा) और अंबिका हॉस्पिटल (ग्राम खरखरी, सारायपाली) शामिल हैं। आदेश के अनुसार, ये तीनों अस्पताल तीन महीने की अवधि तक योजना के अंतर्गत इलाज करने से प्रतिबंधित रहेंगे।


⚖️ स्वास्थ्य विभाग की सख्त कार्रवाई: पारदर्शिता और नियमों के पालन पर जोर

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आई. नागेश्वर राव ने जानकारी दी कि निलंबन की अवधि के दौरान ये अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार सेवाएं प्रदान नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि एम्पैनल्ड अस्पतालों को पात्र मरीजों को योजना के पैकेज दरों पर मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

डॉ. राव ने स्पष्ट किया कि योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को कैशलेस और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में किसी भी तरह का उल्लंघन या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


📞 शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 104 जारी

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी एम्पैनल्ड अस्पताल द्वारा मुफ्त इलाज से इनकार किया जाता है या योजना के नियमों का उल्लंघन होता है, तो टोल-फ्री नंबर 104 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

इसके अलावा, शिकायतकर्ता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) या संबंधित ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) को भी लिखित शिकायत दे सकते हैं। लाभार्थी योजना की जानकारी, पात्रता और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी इसी नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।


🏥 आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य: हर जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सुविधा

डॉ. राव ने कहा कि आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) का उद्देश्य देश के हर पात्र परिवार को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। इसलिए हर अस्पताल को इस योजना के तहत पूर्ण पारदर्शिता और ईमानदारी से काम करना होगा।

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