बीजापुर (छत्तीसगढ़):
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। बुधवार की रात से चले Bijapur Maoist encounter Chhattisgarh में ₹27 लाख के इनामी माओवादी उर्मिला और बुचन्ना कुडियम समेत छह नक्सली मारे गए। पुलिस ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी पुष्टि की।

बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव ने बताया कि यह मुठभेड़ इंद्रावती नेशनल पार्क के कांदुलनार और कचलारम के जंगलों में हुई। इन इलाकों में माओवादी नेताओं की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद डीआरजी (District Reserve Guard) और एसटीएफ (Special Task Force) की संयुक्त टीम ने अभियान शुरू किया था।


⚔️ एनकाउंटर में मारे गए 6 माओवादी

एसपी यादव ने बताया कि मुठभेड़ में उर्मिला, बुचन्ना, और चार अन्य माओवादी — जगत टैमो (₹5 लाख इनामी), देवे, भगत, और मंगली ओयाम (₹2 लाख इनामी) — ढेर हुए हैं।
बुचन्ना उर्फ कन्ना (35) दक्षिण बस्तर में बीते एक दशक से सक्रिय था और कई बड़े हमलों का मुख्य साजिशकर्ता था। उसके खिलाफ 42 आपराधिक मामले दर्ज थे और 18 गिरफ्तारी वारंट लंबित थे।

उर्मिला, जो पापाराव की पत्नी थी, पीएलजीए (People’s Liberation Guerrilla Army) की रसद आपूर्ति संभालती थी। वह पामेड़ एरिया कमेटी की सचिव थी, जिसे क्षेत्र की सबसे हिंसक नक्सली इकाइयों में से एक माना जाता है।


💣 बुचन्ना और उर्मिला की भूमिका

पुलिस के अनुसार, बुचन्ना 2008 के कोंगुपल्ली पुलिस पोस्ट हमले और 2016 के नुकनारपाल कैंप हमले की साजिश में शामिल था। उसने कई बार IED विस्फोट की कोशिश की, जिसे समय रहते सुरक्षाबलों ने विफल किया।
वहीं उर्मिला भर्ती, प्रचार और लॉजिस्टिक सपोर्ट नेटवर्क के संचालन की जिम्मेदारी संभालती थी। उसकी मौत से माओवादी संगठन की सप्लाई चेन और पामेड़ कमेटी की ताकत को बड़ा झटका लगा है।


🪖 एनकाउंटर स्थल से भारी हथियार बरामद

मुठभेड़ के बाद पुलिस को बड़ी मात्रा में हथियार और नक्सली सामग्री मिली।
बरामद सामान में दो INSAS राइफलें (68 राउंड), एक 9mm कार्बाइन, एक .303 राइफल, एक 12 बोर बंदूक, हैंड ग्रेनेड, रेडियो सेट, स्कैनर, मेडिकल किट और माओवादी साहित्य शामिल हैं।


📊 बढ़ती नक्सली सरेंडर की संख्या

बीजापुर जिले में इस साल अब तक 144 माओवादी मारे गए, 499 गिरफ्तार हुए, और 560 ने आत्मसमर्पण किया है।
बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि पिछले 20 महीनों में बस्तर संभाग में 447 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें कई केंद्रीय समिति और डीकेएसजेडसी (Dandakaranya Special Zonal Committee) के सदस्य शामिल हैं।


🕊️ “नक्सल-मुक्त बस्तर” की ओर कदम

आईजी सुंदरराज ने कहा,

“हमारा लक्ष्य स्पष्ट है — शांतिपूर्ण और नक्सल-मुक्त बस्तर। मौजूदा परिस्थितियों में माओवादी संगठन पूरी तरह घिर चुका है। अब उनके पास हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।”


निष्कर्ष

Bijapur Maoist encounter Chhattisgarh में उर्मिला और बुचन्ना की मौत ने नक्सल संगठन को गहरा झटका दिया है। यह अभियान सुरक्षा बलों के आत्मविश्वास को और मजबूत करेगा तथा बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Trending

Discover more from Aaj Ki Janta

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading