दुर्ग। रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा, यात्रियों के भरोसे और बदलती अपराध प्रवृत्तियों को ध्यान में रखते हुए दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग की अध्यक्षता में आज एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में GRP, RPF और जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर भविष्य की संयुक्त कार्ययोजना को मजबूत दिशा दी।


स्टेशनों की सुरक्षा के लिए नई रणनीति तैयार

बैठक की शुरुआत एक सरल लेकिन ठोस संदेश से हुई—“रेलवे स्टेशन की सुरक्षा सीधे यात्री के विश्वास से जुड़ी है।”
आईजी श्री गर्ग ने यह कहते हुए सभी इकाइयों पर जोर दिया कि बदलते समय में रेलवे अपराधों की प्रकृति भी बदल रही है, इसलिए कार्रवाई में तालमेल और तकनीक दोनों अनिवार्य हैं।

उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • सभी पार्किंग क्षेत्रों में सशक्त ऐप के माध्यम से वाहन चेकिंग अनिवार्य की जाए।
  • त्रिनयन ऐप का सक्रिय उपयोग कर निगरानी और पहचान प्रणाली को और तेज किया जाए।
  • साइबर प्रहरी के माध्यम से यात्रियों में साइबर सुरक्षा को लेकर निरंतर जागरूकता बढ़ाई जाए।

मानव तस्करी और मादक पदार्थ तस्करी पर विशेष अभियान

बैठक के दौरान मानव तस्करी और ड्रग तस्करी को सबसे गंभीर चुनौतियों के रूप में चिह्नित किया गया।
आईजी गर्ग ने कहा कि अपराधी अक्सर रेलवे मार्ग का उपयोग कर फरार हो जाते हैं, इसलिए इन मार्गों पर:

  • ट्रैक-बेस्ड मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाए
  • GRP–RPF–जिला पुलिस द्वारा संयुक्त चेकिंग अभियान नियमित किए जाएं
  • स्टेशनों पर गश्त, निरीक्षण और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान में तेजी लाई जाए

उनकी बातें सुनते हुए अधिकारियों ने भी अपने अनुभव साझा किए—किस तरह भीड़भाड़ और यात्रियों की भीड़ में कई बार अपराधी आसानी से निकल जाते हैं। इसलिए तय किया गया कि सभी रेलवे स्टेशनों पर संयुक्त कार्रवाई को अब पहले से ज्यादा व्यवस्थित और तकनीक-आधारित बनाया जाएगा।


नियमित मॉक ड्रिल और साइबर जागरूकता कार्यक्रम

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि:

  • RPF और GRP टिकट काउंटर, प्लेटफॉर्म और परिसर में संदिग्ध व्यक्तियों की जांच नियमित रूप से करेंगी।
  • जिला पुलिस और BDS टीम के साथ संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित किए जाएंगे।
  • यात्रियों को साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

अधिकारियों का मानना है कि ये कदम न केवल सुरक्षा को मजबूत करेंगे, बल्कि यात्रियों में एक भरोसा भी जगाएँगे कि रेलवे परिसर सुरक्षित है।


यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक का माहौल पूरी तरह से समाधान-उन्मुख रहा। अधिकारियों ने माना कि समन्वित कोशिशें ही रेलवे अपराधों पर निर्णायक प्रहार कर सकती हैं।
आईजी गर्ग ने अंत में कहा—
“हमारी पूरी कोशिश है कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था न सिर्फ मजबूत हो, बल्कि यात्रियों को हर कदम पर सुरक्षित महसूस भी कराए।”

दुर्ग रेंज में हुई यह बैठक आगामी महीनों में रेलवे सुरक्षा के स्वरूप को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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