रायपुर, 20 नवंबर 2025 — अंबिकापुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में एक खास पल देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को पारंपरिक भित्ती चित्र की पेंटिंग भेंट की। यह कलाकृति न केवल जनजातीय कला की सुंदरता को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है।

यह उपहार राष्ट्रपति के छत्तीसगढ़ आगमन के अवसर पर दिया गया, जिसने समारोह की महत्ता को और बढ़ा दिया। President Murmu Wall Painting Gift को दर्शाने वाला यह क्षण उपस्थित लोगों के लिए गर्व का विषय बना।

भित्ती कला: जनजातीय विरासत का जीवंत रूप

राज्यपाल द्वारा भेंट किया गया यह भित्ती चित्र छत्तीसगढ़ की पारंपरिक भित्ती कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस कला में घरों की दीवारों पर उभरी हुई आकृतियाँ बनाई जाती हैं, जो

  • लोक संस्कृति,
  • प्रकृति,
  • और जनजातीय जीवन
    की झलक पेश करती हैं।

यह कला पीढ़ियों से चली आ रही है और आज भी ग्रामीण व जनजातीय अंचलों में अपनी पहचान बनाए हुए है।

अंबिकापुर में उत्सव का माहौल

राष्ट्रपति के स्वागत और पारंपरिक कला के इस सम्मानित आदान-प्रदान ने समारोह को और भी विशेष बना दिया। जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन हमेशा से आदिवासी समाज की विरासत और योगदान को याद करने के लिए किया जाता है, और इस वर्ष राष्ट्रपति के आगमन ने इसे और भव्य बना दिया।

राज्यपाल और राष्ट्रपति की सांस्कृतिक जुड़ाव की मिसाल

राज्यपाल रमेन डेका ने यह पेंटिंग सौंपते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला देश की अनमोल धरोहर है। वहीं, राष्ट्रपति मुर्मु ने इस कलाकृति की सराहना की और कलाकारों की प्रतिभा को सराहा।

इस तरह, President Murmu Wall Painting Gift का यह पल राज्य की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करता है।

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