नई दिल्ली में सोमवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य मुलाकात की। यह मुलाकात केवल एक औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि Chhattisgarh railway connectivity को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच राज्य में जारी रेल परियोजनाओं, नई कनेक्टिविटी योजनाओं और सुविधाओं के विस्तार पर गहन और सार्थक चर्चा हुई।


▶️ समयबद्ध तरीके से रेल परियोजनाएँ पूरी करने पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने रेल मंत्री से आग्रह किया कि छत्तीसगढ़ में स्वीकृत रेल परियोजनाओं को समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि उद्योग, व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ी राहत प्राप्त होगी।

साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बेहतर रेल नेटवर्क से राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों, खनिज परिवहन, और ग्रामीण इलाकों तक विकास की गति तेज होगी। ग्रामीण यात्रियों के साथ-साथ छात्रों, किसानों और छोटे व्यापारियों को भी इससे सीधा लाभ मिलेगा।


▶️ रेल मंत्री ने दिया भरोसा: छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री साय को आश्वस्त करते हुए कहा कि रेलवे मंत्रालय छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रगतिरत परियोजनाओं पर नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि उनका काम तेज गति से आगे बढ़ सके।

रेल मंत्री ने यह भी माना कि छत्तीसगढ़, देश के खनिज भंडारों और औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, इसलिए मजबूत रेलवे नेटवर्क राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचाता है।


▶️ बैठक के दौरान मौजूद अधिकारी

इस महत्वपूर्ण चर्चा में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, और वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने चल रही परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी।


▶️ मानवीय स्पर्श: उम्मीदों से जुड़ी यह मुलाकात

दिल्ली की सर्द हवा में हुई यह मुलाकात सिर्फ सरकारी प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रही। बैठक के बाद छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ने से सबसे बड़ी राहत उन यात्रियों को मिलेगी जो रोज़ाना लंबी यात्राएँ करते हैं—दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, पढ़ाई के लिए सफर करने वाले छात्र, और गांवों से शहरों तक काम के लिए आने-जाने वाले लोग।

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