छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के एक दूरस्थ क्षेत्र में स्थित आवासीय स्कूल में रविवार को 14 वर्षीय छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। घटना उस समय सामने आई जब छात्रा हॉस्टल के स्टडी रूम में अकेली थी और बाकी छात्राएं बाहर गई हुई थीं।

हस्तलिखित नोट में प्राचार्य पर गंभीर आरोप

घटनास्थल से मिला एक हस्तलिखित नोट पूरे मामले को और गंभीर बना देता है।
नोट में छात्रा ने स्कूल के प्राचार्य पर बार-बार यौन उत्पीड़न, “बुरा स्पर्श (bad touch)” और अनचाहे नज़दीकी की कोशिश का आरोप लगाया है।
नोट मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए प्राचार्य को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नोट की लिखावट का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है और छात्राओं व हॉस्टल स्टाफ के बयान भी लिए जा रहे हैं।

स्कूल और गांव में सनसनी, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

यह घटना सामने आते ही स्कूल परिसर और आसपास के गांवों में भय और शोक का माहौल है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कूल हॉस्टल के संचालन से जुड़े दस्तावेजों और अनुमतियों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यह देखा जाएगा कि—

  • हॉस्टल मान्यता प्राप्त था या नहीं,
  • क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल सही तरीके से लागू थे,
  • और क्या छात्राओं को पर्याप्त निगरानी मिल रही थी।

परिवार पहुंचा स्कूल, पुलिस कर रही सभी पहलुओं की जांच

छात्रा के परिवारजन स्कूल पहुंच चुके हैं और पुलिस के साथ जांच में सहयोग कर रहे हैं।
जशपुर के एसपी ने कहा कि जांच कई कोणों से की जाएगी—

  • छात्रा के अंतिम समय की गतिविधियाँ,
  • प्राचार्य का व्यवहार,
  • और हॉस्टल की व्यवस्थाएँ।

यदि नोट में लिखे आरोप सही पाए जाते हैं, तो प्राचार्य पर पॉक्सो सहित कठोर धाराओं में मामला दर्ज होकर सख्त कार्रवाई होगी।

मानवता को झकझोरने वाली घटना

Jashpur school hostel girl death सिर्फ एक दुखद हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल में कहीं न कहीं गंभीर कमी है।
स्कूलों और हॉस्टलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब व्यवस्था को देना होगा।

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