बस्तर। माओवाद प्रभावित बस्तर संभाग के सबसे दूरस्थ और दुर्गम इलाकों—नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर—में इस बार स्वास्थ्य सेवाओं ने नई उम्मीद जगाई है। सुरक्षा जोखिमों, घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को पार करते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए विशेष स्वास्थ्य शिविरों ने ग्रामीणों तक जीवन-रक्षक सेवाएं पहुँचाईं। यही कारण है कि Bastar special health camps अभियान स्थानीय लोगों के लिए राहत की बड़ी पहल साबित हुआ।


दुर्गम गांवों तक पहुँची विशेषज्ञ टीम

रायपुर मेडिकल कॉलेज, डिमरापाल मेडिकल कॉलेज और कांकेर मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ-साथ मेडिकल छात्रों ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। स्वास्थ्य दलों ने अंदरूनी इलाकों में पहुँचकर ग्रामीणों का परीक्षण किया, उपचार दिया और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाई।

गांवों तक पहुँचने के लिए कई बार सुरक्षा बलों और स्वास्थ्य टीमों को घंटों पैदल जंगलों का सफर तय करना पड़ा। बावजूद इसके, शिविरों के आयोजन में कहीं कमी नहीं रहने दी गई।


नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर के संवेदनशील इलाकों में शिविर

इन Bastar special health camps को अत्यंत संवेदनशील ग्रामों में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिनमें शामिल हैं:

  • नारायणपुर: ईरकभट्टी, बेड़माकोटी, कस्तूरमेटा, कांदुलपार
  • सुकमा: दुलेड़, लखापाल
  • बीजापुर: गूंजेपर्ती, पुतकेल, कोंडापल्ली, मुतवेंडी

इन शिविरों में कुल 1324 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और सभी को निःशुल्क दवाएँ उपलब्ध कराई गईं।


मलेरिया, टीबी और सिकलसेल पर विशेष ध्यान

संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बस्तर, डॉ. महेश शांडिल्य ने बताया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य अत्यंत दूरस्थ ग्रामीणों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं पहुँचाना है। आवश्यकता अनुसार मरीजों को बड़े संस्थानों में रेफर भी किया गया।

शिविरों में दर्ज प्रमुख आँकड़े:

  • नारायणपुर: 367 ओपीडी
  • सुकमा: 318 ओपीडी
  • बीजापुर: 639 ओपीडी
  • मलेरिया पॉजिटिव: 83 मरीज — तत्काल इलाज शुरू
  • टीबी जांच: 207 लोग
  • सिकलसेल एवं एनीमिया स्क्रीनिंग: 464 ग्रामीण
  • नेत्र जांच: 212 लोग
  • आयुष्मान कार्ड बनाए गए: 129 ग्रामीणों को लाभ

इन आँकड़ों से स्पष्ट होता है कि Bastar special health camps अभियान न सिर्फ स्वास्थ्य परीक्षण तक सीमित रहा, बल्कि गंभीर बीमारियों की पहचान में भी अत्यंत प्रभावी साबित हुआ।


उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अभियान की सराहना की

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने माओवाद प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविरों के दौरान दिखाए गए साहस और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा—

“दुर्गम परिस्थितियों में आयोजित यह अभियान शासन और प्रशासन की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत बस्तर के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना लक्ष्य है।”

स्वास्थ्य दलों के लिए यह सिर्फ एक सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में मानवता की सच्ची सेवा थी।

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